उतरौला बलरामपुर - शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से शासन ने "नन्हे कदम" एप लांच किया है। इस एप से आशा कार्य कर्ताओं को काम करने के तरीकों की जानकारी देने के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के सभागार में कार्यशाला आयोजित की गई। इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कानपुर केजीएसवी एम मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डाक्टर यशवंत राव ने कहा कि असमय काल कवलित होने वाले नवजात शिशुओं का जीवन बचाना स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग की नैतिक जिम्मेदारी होती है। जन्म से दो माह के भीतर के बच्चों मे संक्रमण, डिहाइड्रेशन जैसी परेशानी होती है। इनकी अनदेखी करने से नवजात शिशुओं के जीवन पर खतरा मंडराने लगता है।नन्हे कदम एप से आंगन बाड़ी,आशा नवजात बच्चों को होने वाली समस्या ओं का निदान अभिभावकों से पता करके कर सकती हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उतरौला के अधीक्षक डाक्टर चन्द्र प्रकाश सिंह ने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार बाल मृत्यु दर में कमी लाने के लिए पर्याप्त फोक स कर रही है। गांवों में अशिक्षा, अंधविश्वास व रूढ़ियों के चलते नवजात बच्चों की सही ढंग से इलाज नही कराया जाता है। जिस के कारण बच्चे असमय होकर मौत का शिकार हो जाते हैं। हमें इस ओर ध्यान रखना होगा। माताओं को कुपोषण से बचाने के लिए समय समय पर टीका लगवाने और संस्थागत प्रसव के लिए हमें भरपूर सहयोग करना होगा, ताकि देश के भविष्य में नन्हें शिशुओं को संसार में पलने-बढ़ने का अवसर मिल सके इस दौरान तहसील क्षेत्र की आशा भारी संख्या में मौजूद रहे।

               हिन्दी संवाद न्यूज से
              असगर अली की खबर
                उतरौला बलरामपुर। 

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