मुख्यमंत्री ने मिशन रोजगार के अन्तर्गत उ0प्र0 लोक सेवा आयोग एवं
उ0प्र0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से
विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किये

जब प्रदेश के युवाओं को नौकरी मिलती, तो उनकी प्रतिभा का लाभ राज्य को प्राप्त होता,
प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर मिलने से प्रदेश की ताकत और बढ़ेगी : मुख्यमंत्री

हमनें प्रदेश की स्ट्रेन्थ और प्रतिभा को समस्या मानने के बजाय
उसे इकोनॉमिक ऑपरच्युनिटी के रूप में देखा

जब यहां के प्रतिभाशाली युवा प्रदेश की ताकत बनेंगे, तो उ0प्र0
भारत की नम्बर वन इकोनॉमी के रूप में स्वयं को स्थापित करेगा

अब तक 9.5 लाख नौजवानों को पारदर्शी तरीके से उ0प्र0 सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति दी जा चुकी, नियुक्ति पत्र वितरण की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी

हम आगामी 06 माह में 01 लाख से अधिक युवाओं को उ0प्र0 में सरकारी नौकरी देने जा रहे

उ0प्र0 अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा घोषित किये जाने वाले परिणामों
से 25,000 से 30,000 नए युवाओं को अवसर मिलने जा रहा

उ0प्र0 शिक्षा चयन आयोग से लगभग 20,000 से 25,000 नौजवानों को
अवसर प्राप्त होने वाला है, जिनकी परीक्षाएं तेजी के साथ चल रही

उ0प्र0 पुलिस बल में 36,000 नौजवानों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया आगे
बढ़ाई जा रही, वर्तमान में उनकी मेडिकल एवं फिजिकल प्रक्रिया चल रही

प्रदेश की वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण
तक प्रत्येक स्तर पर समयबद्धता और मेरिट को ध्यान में रखा जा रहा

विगत 09 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, विमेन
वर्कफोर्स की उपलब्धता को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुई

उ0प्र0 अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक ग्रोथ के लिए जाना जा रहा,
24,000 से अधिक स्टार्टअप उ0प्र0 में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे

आगामी 25 से 29 सितम्बर तक जनपद गौतमबुद्धनगर में
यू0पी0 इन्टरनेशनल ट्रेड-शो का आयोजन होने जा रहा

प्रधानमंत्री जी ने नया मंत्रालय गठित कर ट्रेडिशनल मेडिसिन को
नई पहचान दी, आज आयुष के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध

लखनऊ : 19 सितम्बर, 2026


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि जब प्रदेश के युवाओं को नौकरी मिलती है तो उनकी प्रतिभा का लाभ राज्य को प्राप्त होता है। वर्ष 2017 से पहले की स्थिति और आज की स्थिति में बड़ा परिवर्तन आया है। अब तक 9.5 लाख नौजवानों को पारदर्शी तरीके से उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में नियुक्ति दी जा चुकी है। नियुक्ति पत्र वितरण की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। हम आगामी 06 माह में 01 लाख से अधिक युवाओं को उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी देने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी ने आज यहां मिशन रोजगार के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा निष्पक्ष एवं पारदर्शी प्रक्रिया से विभिन्न विभागों में चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित करने के उपरान्त आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इनमें व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग, आयुष विभाग तथा चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के विभिन्न पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल हैं। कार्यक्रम में मिशन रोजगार के तहत निष्पक्ष, पारदर्शी नकलविहीन, समयबद्ध भर्ती प्रक्रिया से अभ्यर्थियों को दी गयी नौकरियों से सम्बन्धित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज मिशन रोजगार के अन्तर्गत 818 युवाओं को उनकी मेहनत का प्रतिफल नियुक्ति पत्र के रूप में प्राप्त हो रहा है और अगले दिन भी नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम के साथ लगभग 01 हजार लोगों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जाएंगे। यह प्रक्रिया लगातार आगे बढ़ती रहेगी। आज प्रधानमंत्री जी द्वारा भी 51 हजार युवाओं को नियुक्ति पत्र वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। नवचयनित युवा सीधे उत्तर प्रदेश शासन का हिस्सा बनकर अपनी प्रतिभा और सेवा का लाभ प्रदेश की 25 करोड़ जनता तक पहुंचा सकते हैं। प्रतिभाशाली युवाओं को अवसर मिलने से प्रदेश की ताकत और बढ़ेगी। जब यहां के प्रतिभाशाली युवा प्रदेश की ताकत बनेंगे, तो उत्तर प्रदेश भारत की नम्बर वन इकोनॉमी के रूप में स्वयं को स्थापित करेगा और प्रत्येक क्षेत्र में नई पहचान बनाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग एवं उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्षों तथा सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब भर्ती बोर्ड और आयोग शासन की किसी राजनीतिक नीति का शिकार नहीं होते हैं और वहां से परीक्षाएं पारदर्शी एवं स्वच्छ प्रक्रिया के माध्यम से सम्पन्न होती हैं, तो उसके अच्छे परिणाम सामने आते हैं। आज का नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम इसका प्रत्यक्ष उदाहरण है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आगामी 06 माह में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग घोषित किये जाने वाले परिणामों से 25,000 से 30,000 नए युवाओं को अवसर मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश शिक्षा चयन आयोग से लगभग 20,000 से 25,000 नौजवानों को अवसर प्राप्त होने वाला है, जिनकी परीक्षाएं तेजी के साथ चल रही हैं। कुछ के परिणाम आने भी शुरू हो गए हैं। अगले 03 से 04 माह में इनके परिणाम भी सामने आएंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं के माध्यम से भी 15,000 से 16,000 नौजवानों को विभिन्न विभागों में नियुक्ति पत्र वितरण का कार्य परिणाम आने के साथ जोड़ा जा रहा है। जिन लोगों ने इस प्रक्रिया पर प्रश्न खड़े किए हैं, उन्हें आने वाले समय में परिणाम स्वयं दिखाई देंगे। केवल उत्तर प्रदेश पुलिस बल में ही 36,000 नौजवानों को नियुक्ति पत्र देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इनकी परीक्षाएं पूरी हो चुकी हैं और वर्तमान में उनकी मेडिकल एवं फिजिकल प्रक्रिया चल रही है। इसी प्रकार उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स में 41,000 से 42,000 नियुक्तियां होने जा रही हैं। परीक्षाएं हो गयी हैं। वर्तमान में मेडिकल एवं फिजिकल का कार्यक्रम चल रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में विज्ञापन जारी होने से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण तक प्रत्येक स्तर पर समयबद्धता और मेरिट को ध्यान में रखा जा रहा है। सभी भर्तियों की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से आगे बढ़ रही है। विज्ञापन से लेकर नियुक्ति पत्र वितरण तक प्रत्येक कार्य की समीक्षा की जा रही है। समूह-ग और समूह-घ में इंटरव्यू की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। पहले विज्ञापन जारी होते ही विभिन्न प्रकार की अव्यवस्थाएं और वसूली की प्रक्रियाएं शुरू हो जाती थीं। पूर्व में ऐसी अनेक भर्तियां हुईं, जिनमें आवेदन न करने वाले लोगों को भी नियुक्ति पत्र वितरित हो गए और जिन लोगों ने आवेदन किया था, वह देखते रह गए। यह युवाओं के भरोसे और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ था। लोकतंत्र में युवाओं के भरोसे के साथ इस प्रकार का व्यवहार नहीं होना चाहिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने रोजगार के साथ-साथ पहचान का संकट भी था। उस समय प्रदेश के सम्बन्ध में धारणा अच्छी नहीं थी। यहां के युवा पलायन तथा किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर थे। प्रदेश में अवसर न मिलने के साथ ही प्रदेश के बाहर भी युवाओं को अपनी पहचान के संकट का सामना करना पड़ता था। प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता, असुरक्षा, भ्रष्टाचार तथा अव्यवस्था के कारण युवाओं, व्यापारियों, किसानों और समाज के विभिन्न वर्गों के सामने अनेक चुनौतियां थीं। उस समय उत्तर प्रदेश की युवा शक्ति को उसकी क्षमता के अनुरूप सम्मान और अवसर नहीं मिल पा रहा था। उस समय की सरकार की बीमारु मानसिकता के कारण उत्तर प्रदेश स्वयं बीमारु राज्य हो गया था। उनकी कार्यप्रणाली भ्रष्ट एवं भेदभाव पूर्ण थी। यही कारण था कि प्रदेश के नौजवानों की शक्ति, प्रतिभा को सम्मान नहीं दे पाये। बीमारु मानसिकता ने किसानों को लैण्ड माफिया, सैण्ड माफिया, केटल माफिया, नकल माफिया आदि उत्पन्न कर दिये थे, जो पूरी युवा ऊर्जा को बर्बाद कर रहा था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमनें प्रदेश की स्ट्रेन्थ और प्रतिभा को समस्या मानने के बजाय उसे इकोनॉमिक ऑपरच्युनिटी के रूप में देखा। युवाओं की प्रतिभा के माध्यम से प्रदेश की क्षमता को सामने लाने का प्रयास किया गया। आज उसके परिणाम सभी के सामने हैं। आज उत्तर प्रदेश माफिया, कर्फ्यू, दंगा तथा उपद्रव मुक्त है। उत्सव प्रदेश के रूप में उत्तर प्रदेश ने अपनी एक नई पहचान बनायी है। उत्तर प्रदेश आज देश के ग्रोथ इंजन का महत्वपूर्ण हिस्सा है और देश की टॉप थ्री अर्थव्यवस्थाओं में गिना जाता है। विगत 06 वर्षां से लगातार उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट है। अब प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट नहीं है। उन्हें उत्तर प्रदेश में भी रोजगार मिल रहा है और प्रदेश के बाहर जाने पर भी लोग उनका स्वागत करने के लिए तैयार हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान सरकार ने चुनौती को समस्या मानकर छोड़ने के बजाय उसका समाधान करने का प्रयास किया और उसके परिणाम आज दिखाई दे रहे हैं। विगत 09 वर्षों में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय, विमेन वर्कफोर्स की उपलब्धता को तीन गुना करने तथा बजट को तीन गुना से अधिक करने में सफलता प्राप्त हुई है। यह सभी प्रयास और परिश्रम करने तथा एक साथ एक स्वर में सोचने से  होता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक ग्रोथ के लिए जाना जा रहा है। पारम्परिक उद्योगों एवं एम0एस0एम0ई0 यूनिटों को ओ0डी0ओ0पी0 योजना के माध्यम से नई ताकत दी गई है। उन्हें तकनीक, डिजाइन, पैकेजिंग और बाजार से जोड़ा गया है। अकेले एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में ही 03 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार देने में सफलता मिली है। जिन कारीगरों और हस्तशिल्पियों के सामने वर्ष 2017 से पहले अपने हुनर को सम्मान दिलाने की चुनौती थी, उन्हें तकनीक, प्लेटफॉर्म और बाजार से जोड़ा गया। आज उत्तर प्रदेश से लाखों करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट हो रहा है और उसका लाभ प्रदेश के कारीगरों एवं हस्तशिल्पियों तक पहुंच रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप ईकोसिस्टम की कोई विशेष पहचान नहीं थी। उस समय प्रदेश में कुल 120 स्टार्टअप भी मुश्किल से थे, जबकि आज 24,000 से अधिक स्टार्टअप उत्तर प्रदेश में सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इनमें आधे स्टार्टअप महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उनके माध्यम से हजारों करोड़ रुपये का व्यवसाय किया जा रहा है। डिजिटल इण्डिया और स्टैण्ड अप इंडिया ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सरकार का कार्य अवसर उपलब्ध कराना और ऐसा वातावरण बनाना है, जिसमें बिना भेदभाव योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच सके। आगामी 25 से 29 सितम्बर तक गौतमबुद्धनगर में यू0पी0 इन्टरनेशनल ट्रेड-शो का आयोजन होने जा रहा है। यह इसका लगातार चौथा संस्करण है। इस आयोजन में 650 फॉरेन बायर्स विदेशों से खरीदारी के लिए आ रहे हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के उत्पादों को देखने और खरीदने के लिए 2,500 से अधिक एग्जिबिटर्स भाग लेंगे। इनमें प्रदेश के उद्यमी, युवा, कारीगर और हस्तशिल्पी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आयुष क्षेत्र में भी रोजगार और अवसरों का विस्तार हुआ है। वर्ष 2014 से पहले आयुष की विशेष पहचान नहीं थी। प्रधानमंत्री जी ने नया मंत्रालय गठित कर ट्रेडिशनल मेडिसिन को नई पहचान दी। आयुर्वेद, योग, नेचुरोपैथी, यूनानी, होम्योपैथी और सिद्धा जैसी चिकित्सा पद्धतियों को एक प्लेटफॉर्म प्रदान किया। आज आयुष के क्षेत्र में नए अवसर उपलब्ध हैं। नए आयुष कॉलेज स्थापित हो रहे हैं और मेडिकल हेल्थ के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। नये मेडिकल कॉलेज की श्रृंखला खड़ी हो रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आज नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवा महत्वपूर्ण विभागों-आयुष, स्वास्थ्य तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग से जुड़ रहे हैं। इन विभागों ने अपनी नई पहचान बनाई है। आज नवचयनित अभ्यर्थियों को विभागों की नई पहचान के साथ जुड़ने का अवसर प्राप्त हो रहा है। सभी युवा पूरी ईमानदारी और तन्मयता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री जी के समक्ष नवचयनित अभ्यर्थियों ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के बारे में अपने अनुभव साझा किये।
कार्यक्रम को आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ0 दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री श्री मयंकेश्वर शरण सिंह तथा एम0एस0एम0ई0 राज्यमंत्री श्री हंस राज विश्वकर्मा ने भी सम्बोधित किया।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री अमित कुमार घोष, प्रमुख सचिव आयुष श्री रंजन कुमार, प्रमुख सचिव एम0एस0एम0ई0 श्री शशि भूषण लाल सुशील, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग श्री एस0एन0 साबत सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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