***फर्जी जीएसटी अधिकारी बन अवैध वसूली करने वाले गिरोह के चार शातिर गुर्गे पुलिस गिरफ्त में***

***फर्जी जीएसटी अधिकारी बन अवैध वसूली करने वाले गिरोह के चार शातिर गुर्गे पुलिस गिरफ्त में***

***फर्जी जीएसटी अधिकारी गिरोह के गुर्गों से पूंछतांछ करते पुलिस कप्तान मृगांक शेखर पाठक***
***पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत के ड्राइवर के साथ हुई वारदात का खुलासा करते पुलिस कप्तान मृगांक शेखर पाठक***


रिपोर्ट*** सैय्यद जावेद अख्तर***



उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर अवैध वसूली की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह के चार शातिर गुर्गों को  सदर कोतवाली पुलिस ने  दबोचा। पकड़े गये गुर्गों के पास से पुलिस ने फर्जी जीएसटी अधिकारी के दो आईडेंटिटी कार्ड भी बरामद किये हैं। जबकि गिरोह पहले बिहार बार्डर पर अवैध वसूली की वारदातों को अंजाम दिया करता था, लेकिन वहां सख्ती होने के बाद से गिरोह उत्तर प्रदेश में एक्टिव हो गया था, जबकि  वारदात का खुलासा करते हुये पुलिस कप्तान मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर माल भेजने वाले दुकानदारों से अवैध वसूली करने वाले गिरोह के चार गुर्गों को दबोचने में सदर कोतवाली पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, वहीं गैंग के दो  गुर्गे मौके से फरार हो गये, जिनकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। जल्द ही दोनों गुर्गे पुलिस गिरफ्त में होंगे। पुलिस कप्तान ने बताया कि  जीएसटी गैंग के चार फर्जी अधिकारी उस वख्त पुलिस के हत्थे चढ़ गये, जब गिरोह ने 22 सितंबर को हमीरपुर के पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत के घर लखनऊ से महोबा के चरखारी किचन का सामान लेकर जा रहे ट्रक नम्बर यूपी 32ईएन-3775 को चंदुलीतीर निर्माणाधीन बाईपास के पास सुबह करीब 8‌  बजे  फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर उनके  ट्रक को रोककर  ड्राइवर से  50 हजार रुपये की अवैध मांग की, साथ ही उसे धमकाकर उसकी जेब में रखे हुये 11 हजार रुपये भी जबरन छीन लिये, वहीं गिरोह के शातिर गुर्गों ने ट्रक मालिक महेश पाण्डेय सहित ड्राइवर दिनेश सिंह से सांठगांठ  करके ट्रक में लदे माल को भेजने वाले दुकानदार सुरेश चन्द्र को ईवी बिल और टैक्स इनवाइस भेजकर गिरोह के मास्टर माइंड भोला , कृष्णा और सागर के  साथ अपने आपको जीएसटी अधिकारी हर्षित कुमार कानपुर रीजन बताकर  अवैध तौर पर 50 हजार रुपये की मांग की। दुकानदार सुरेश चन्द्र ने इस बात की जानकारी पूर्व सांसद गंगाचरन राजपूत को दे दी, जिसके बाद पूर्व सांसद ने हमीरपुर जिले के जीएसटी अधिकारियों से चेकिंग किये जाने की  जानकारी ली। जिस पर  जीएसटी अधिकारी दुर्गा प्रसाद ने चौकन्ना होते हुये मौके पर जाकर चैकिंग किये जाने की हकीकत को परखा, तो उन्हें पता चला कि मौके पर किसी भी जीएसटी अधिकारी ने कोई चैकिंग नहीं की है। तब जीएसटी अधिकारी दुर्गा प्रसाद ने फोन पर ट्रक ड्राइवर के नम्बर पर मामले की जानकारी ली, तो ड्राइवर ने बताया कि एक बोलेरो गाड़ी पर सवार चार पांच लोगों ने उसके ट्रक को चंदौलीतीर निर्माणाधीन बाईपास के पास रोककर अपने को जीएसटी अधिकारी बताकर उस्से 50 हजार रुपये की अवैध तौर पर मांग की गयी थी। जिसके बाद सदर कोतवाली पुलिस ने फर्जी जीएसटी गिरोह के खिलाफ मु0अ0सं0 210/26 धारा 204/309(4)/351(3) दर्ज कर आगे की कार्यवाही शुरू करदी थी, वहीं  जो युवक जीएसटी अधिकारी बनकर  माल भेजने वाले दुकानदार सुरेश चन्द्र को कॉल कर रहा था, वो ट्रक मालिक के नंबर से लगातार कांटेक्ट में था, जबकि ट्रक मालिक ने ही उसे वाट्सएप्प पर ईवी बिल भेजा था। जिसके बाद गिरोह का मास्टर माइंड भोला अपने साथियों के साथ मिलकर माल भेजने वाले दुकानदार के साथ जीएसटी अधिकारी बनकर रौब दिखाकर अवैध वसूली को अंजाम दे रहा था। इसी बीच पुलिस ने बिना देर किये जाल बिछाकर दबिश दी, तो गिरोह के चार गुर्गे पुलिस के हत्थे चढ़ गये, जबकि दो गुर्गे पुलिस को चकमा देकर फरार हो गये।

 पकड़े गये गिरोह के चारों गुर्गों ने पुलिस को बताया कि इसके पहले  मास्टर माइंड भोला फर्जी जीएसटी अधिकारी बनकर अपने साथी कृष्णा और अपने सगे भाई सागर के साथ मिलकर बिहार बार्डर से जीएसटी चोरी करने के लिये ट्रकों को चोरी छिपे पास कराते थे, लेकिन जब बार्डर पर ज्सयादा सख्ती होने लगी तो सभी लोग ढाबे और होटलों पर रुके हुये  ट्रक ड्राइवरों और ट्रक मालिकों से मिलीभगत कर अपने पास फर्जी  जीएसटी अधिकारी का आईडेंटिटी कार्ड रखकर बोलोरो में बैठकर अवैध वसूली का काम करने लगे। जबकि अवैध वसूली की रकम को हम सभी आपस में बांट लिया करते थे, पकड़े गये गिरोह के गुर्गों में 25 साल के कुशीनगर के कोइंदी गोसाईं निवासी 

भोला यादव उर्फ सनी पुत्र दूधनाथ यादव जबकि 19 साल के कुशीनगर के कोइंदी गोसाईं निवासी अमन यादव पुत्र शेषनाथ यादव, वहीं लखनऊ के चारबाग लालकुआं सफदलबाग निवासी महेश पाण्डेय पुत्र स्व0 भागवत प्रसाद पाण्डेय सहित चौथे गुर्गे 48 साल के लखनऊ के रुपपूर शिवनगर खदरा हसनगंज निवासी 

 दिनेश सिंह पुत्र योगेन्द्र प्रताप सिंह शामिल हैं, जबकि फरार मौके से हुये गुर्गों में कुशीनगर के कोइंदी गोसांई निवासी सागर पुत्र दूधनाथ यादव सहित कुशीनगर के बेरिया गाजीपुर निवासी कृष्णा पुत्र सुरेन्द्र यादव खासतौर से है। गिरोह के मास्टर माइंड भोला यादव के खिलाफ कुशीनगर के थाना तरया सुजान में पहले भी मु0अ0सं0 03/17 धारा 147/452/323/427/504/506 के तहत एक मामला दर्ज हो चुका है।फर्जी जीएसटी गिरोह को दबोचने वाली पुलिस टीम में खासतौर से एस आई रमाकान्त शुक्ला,एस आई के०डी० त्रिपाठी ,प्रभारी सर्विलांस,एस आई सचिन सारस्वत ,एसओजी  प्रभारी, एस आई सुरेन्द्र पटेल, हैड कांस्टेबल शिवेन्द्र एसओजी,हैड कांस्टेबल हरचरन,का० सुरेन्द्र मिश्रा, कांस्टेबल अतुल कुमार,कांस्टेबल रवि पेटल सर्विलांस, कांस्टेबल कृष्ण कुमार गुप्ता, कांस्टेबल हरदीप,कांस्टेबल आशीष सहित कांस्टेबल अनुज खासतौर से शामिल रहे।







 


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