कन्नौज काऊ मिल्क प्लांट को 10 वर्ष की अवधि के लिए परिचालन हेतु लीज एवं प्रॉफिट शेयरिंग के आधार पर एनडीडीबी को हस्तगत

लखनऊ: 10 सितम्बर, 2026

कन्नौज काऊ मिल्क प्लांट को न तो बेचा गया है और न ही उसका स्वामित्व एनडीडीबी को हस्तांतरित किया गया है। यह केवल 10 वर्ष की अवधि के लिए परिचालन हेतु लीज एवं प्रॉफिट शेयरिंग के आधार पर एनडीडीबी को हस्तगत किया गया है। कन्नौज काऊ मिल्क प्लांट की स्थापित क्षमता 1.00 लाख लीटर प्रतिदिन है। लगभग 84.69 करोड़ रूपये की लागत से निर्मित उक्त प्लांट का निर्माण कार्य वर्ष 2019 में पूर्ण हुआ तथा दिसंबर 2019 से इसका संचालन प्रारंभ किया गया। तथापि, अपेक्षित मात्रा में दुग्ध संकलन न हो पाने, स्थापित क्षमता के अनुरूप संचालन न होने तथा वित्तीय रूप से ब्रेक ईवन प्राप्त न कर सकने के कारण प्लांट का संचालन अक्टूबर 2022 से नियमित रूप से नहीं हो पा रहा था।
दुग्ध विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 जून 2025 को प्रादेशिक कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन लिमिटेड ;च्ब्क्थ्द्ध तथा राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड ;छक्क्ठद्ध के मध्य समझौता ज्ञापन निष्पादित किया गया। उक्त व्यवस्था के अंतर्गत कन्नौज को 10 वर्ष की अवधि के लिए एनडीडीबी को लीज पर संचालन हेतु दिया गया। निर्धारित व्यवस्था के अनुसार एनडीडीबी द्वारा प्लांट का संचालन, प्रारंभिक निवेश करते हुए किया गया। उक्त समझौता ज्ञापन में पीसीडीएफ को  1.07 करोड़ रूपये प्रतिवर्ष लीज रेंट तथा लाभ में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी प्राप्त होने का प्रावधान भी है।
इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में दुग्ध संकलन व्यवस्था को सुदृढ़ करना, दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों को सक्रिय करना, पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का उचित एवं समयबद्ध मूल्य उपलब्ध कराना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना है।
यह स्पष्ट किया जाता है कि कन्नौज डेयरी प्लांट का विक्रय नहीं किया गया है अपितु उक्त प्लांट को बेहतर, दक्ष एवं व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 10 वर्ष की निश्चित अवधि के लिए लीज रेन्ट/प्रॉफिट शेयरिंग पर पट्टे पर सहकारिता के माध्यम से संचालन हेतु एनडीडीबी को दिया गया है।
इस महत्वपूर्ण सार्वजनिक परिसंपत्ति को निष्क्रिय बनाए रखने के स्थान पर उसकी क्षमता का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने तथा क्षेत्र के दुग्ध उत्पादकों को दीर्घकालिक लाभ, स्वरोजगार प्रदान करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय डेरी विकास बोर्ड जो देश में सहकारी डेयरी क्षेत्र की शीर्ष विशेषज्ञ संस्था है तथा दुग्ध सहकारी संस्थाओं के प्रबंधन, तकनीकी उन्नयन, दुग्ध संकलन, प्रसंस्करण, विपणन तथा किसान केंद्रित डेयरी विकास के क्षेत्र में व्यापक अनुभव रखती है। उत्तर प्रदेश में भी एनडीडीबी द्वारा विभिन्न दुग्ध संघों के सुदृढ़ीकरण एवं संचालन में सहयोग प्रदान किया गया है। एनडीडीबी की तकनीकी विशेषज्ञता, प्रबंधकीय दक्षता एवं डेयरी क्षेत्र के अनुभव का उपयोग किए जाने का निर्णय लिया गया।

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