बलरामपुर- राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) क्षेत्रीय निदेशालय, लखनऊ के तत्वावधान में 27 अगस्त 2026 को बलरामपुर जिले में स्थित महारानी लाल कुँवरी (MLK) स्नातकोत्तर महाविद्यालय के सभागार में ‘खेलो इंडिया संवाद—खेल की बात, पीएम के साथ’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से उपस्थित युवाओं को संबोधित किया।
"जो खेले, वो खिले" का नारा और पीएम मोदी का संदेश
"जो खेले, वो खिले" के नारे के साथ युवाओं को प्रेरित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल से युवाओं के व्यक्तित्व का सर्वांगीण विकास होता है। किसी खिलाड़ी की उपलब्धि से उसके परिवार, जिले और शहर को नई पहचान मिलती है, जिससे वह शहर वैश्विक मानचित्र (Global Map) पर चमक उठता है और दुनिया उसे एक नए नजरिए से देखने लगती है।
खेल क्षेत्र की चुनौतियाँ और 2036 ओलंपिक की तैयारी
देश में खेल के क्षेत्र में मौजूद चुनौतियों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब भी ओलंपिक के कई स्पोर्ट्स इवेंट्स में प्रतिभाग नहीं करता है। इसके लिए युवाओं को आगे आना होगा और खेल को एक करियर के रूप में चुनना होगा। भारत सरकार इसके लिए हर संभव मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।
भौगोलिक अनुकूलता: उन्होंने कहा कि देश का भूगोल और जनसांख्यिकी (Geography & Demography) रॉक क्लाइंबिंग और सर्फिंग जैसे खेलों के लिए बेहद उपयुक्त हैं। युवाओं को सभी विधाओं में आगे आना चाहिए।
2036 ओलंपिक का लक्ष्य: 2036 के ओलंपिक खेलों के लिए अभी से तैयारियाँ सुनिश्चित करनी होंगी। 'टैलेंट हंट' जैसे कार्यक्रमों के जरिए 5 से 15 आयु वर्ग के बच्चों की रुचि और क्षमता के अनुसार उनका चयन कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम: भारत को आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए अन्य देशों के साथ भी अनुबंध किए जा रहे हैं।
स्पोर्ट्स स्पिरिट, करियर और नशा मुक्ति
प्रधानमंत्री ने कहा कि खेल से युवाओं में बेहतर कार्य संस्कृति और 'स्पोर्ट्स पर्सन स्पिरिट' विकसित होती है। गिरकर फिर उठने और कभी न हारने का जुनून जीवन को नई दिशा देता है। पैरा-एथलीटों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी जीवन के प्रति हमारा नजरिया बदल देते हैं। साथ ही, खेल से जुड़ने वाले युवा स्वतः ही नशे जैसी बुराइयों से दूर हो जाते हैं। आज खेल एक बेहतरीन करियर विकल्प बनकर उभर रहा है।
महाविद्यालय में उत्साह का माहौल
कार्यक्रम के दौरान एमएलके पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. जे. पी. पांडेय, कार्यक्रम संयोजक डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. डी. के. मौर्या, डॉ. सुनील कुमार शुक्ला सहित अन्य शिक्षक और सैकड़ों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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