उतरौला बलरामपुर- साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए डीजीपी के आदेश पर चलाये जा रहे, विशेष अभियान हाइबर वज्र के क्रम में पर्यवेक्षण में संदिग्ध रकम के लेन देन में दो अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया  है| मामले में थाना कोतवाली उतरौला में मोहित नाथ पुत्र राम सिंह निवासी ग्राम राजाजोत गोंसाई जोत उतरौला व संगम नाथ पुत्र मुन्दर नाथ निवासी ग्राम गोंसाई जोत उतरौला के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर किया गया था। मुकदमे की विवेचना के क्रम में संदिग्ध लेन देन व एटीएमनिकासी की जांच व अन्य संक लित साक्ष्यों केआधार मुकदमे की धाराओं में बढ़ोत्तरी की गई है| आरोपियों को बुधवार सुबह गिरफ्तार कर लिया गया| पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने दोनों आरो पियों के आपराधिक इतिहास के बारे में बताया कि मोहित नाथ पर 2014 में वाहन के सम्बन्ध में मुकदमा दर्ज किया गया था| क्षेत्र में ए टी एम की जांच के दौरा न मोहल्ला गांधी नगर में स्थित एक एटीएम से साइबर धोखाधड़ी से सम्बन्धित धनराशि निकाले जाने की सूच ना मिली थी। जिसकी शिकायत राष्ट्रीय साइ बर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज की गई थी, जिसमें एक पीड़ि त ने लोन उपलब्ध कराने के नाम पर लग भग 4.78 लाख की साइबर धोखाधड़ीहोने की शिकायत की गई थी। जांच में यह भी पाया गया कि धोखा धड़ी की धनराशि विभिन्न बैंक खातों में स्थानान्तरित की गई थी तथा धोखाधड़ीकी धनराशि उतरौला में स्थित एटीएम सेनिका ली गई थी।अभियुक्त गण के द्वारा विभिन्न जनपदो व राज्यो में घूमकर गृह दशा सही करने आदि के नाम पर अंगूठी- स्टोन लोगो को बेचते हैं । इससे वे लोगों की समस्याएं जान जाते हैं| इस प्रकरण मे पीड़ित को लोन की आश्यकता थी, तो अभियुक्तों ने मोबा इल फोन से खुद को बैंक मैनेजर बताकर लोन दिलाने का झांसा दिया, तथा प्रोसेसिंग शुल्क एवं अन्यशुल्कों के नाम पर धोखाधड़ी कर आनलाइन ठगी करते हुए रकम प्राप्त की। ठगी की धनराशि विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त कर नगद एवं ऑनलाइन से निकाली गई थी। आरोपियों के कब्जे से फर्जी पहचान सम्बन्धी दस्तावेज एवं मोबाइल फोन बरामद किए हुए जिनका उपयोग अप राधियों के द्वारा लोगों को विश्वास मे लेने व अपने आप को बैंक या सम्बन्धित विभाग का अधिकारी साबित करने के लिए किया जाता था। मोहित नाथ ने  बताया कि वह बाबा बनकर घूमता फिरता रहता था और कई प्रदेशों में आता जाता भी रहता हूँ। उड़ीसा भ्रमण के दौरान मेरी पहचान कटक के रहने वाले व्यक्ति बसन्त बहेरा से हुई थी। उनको अपने धंधे के लिये पैसों की आवश्यकता थी इसलिए वह लोन लेना चाहते थे। इसकी चर्चा उन्होने मुझसे भी की थी। तभी मैंने उससे ठगी करने का इरादा बना लिया था। अपने साले संगमनाथ को बैंक मैनेजर बना कर बात करने के लिए तैयार कर लिया। वह फर्जी बैंक मैनेजर बने सँगम से बसन्त बहेरा की बात करवाता था। बसन्त बहेरा हमलोगों के विश्वास में आ गया फिर हम दोनों ने बसन्त बहेरा से लोन के कागजात तैयार कराने के नाम पर करीब पांच लाख रुपये कई किस्तों में आनलाइन बैंक खातों में मंगाया और ए टी एम से निकाल कर आपस में बांट लिया। लोगों को शक न हो इस लिए संगम नाथ ने फर्जी आई डी बैंक मैनेजर प्रभास सिंह के नाम से बनवाकर साथ में रखता था। गिरफ्तारी टीम में थाना कोतवाली उतरौला की टीम के साथ साइबर सेल के निरी क्षक  बलजीत राव, उपनिरीक्षक प्रभात कुमार, हीरा लाल,  कांस्टेबल अनिल कुमार,आशीष साग, पंकज कुमार, पंकज यादव, दिलीप कुमार, आनन्द प्रकाश,सचिन यादव,अजय चौरसिया, रोहित शर्मा भी शामिल रहे। ठगी का शिकार होने पर अपने नजदीकी थाने की साइबर सेल पर तत्काल सम्पर्क करें, अथवा भारत सरकार द्वारा जारी नम्बर 1930 पर कॉल करें। किसी भी प्रकार के साइबर क्राइम से सम्बन्धित आनलाइन शिकायत भारत सरकार द्वारा जारी अनलाइन नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल www.cybercrime.gov.in 

               हिन्दी संवाद न्यूज से
              असगर अली की खबर
                उतरौला बलरामपुर। 

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