मुख्यमंत्री ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कार्यां की समीक्षा की

उ0प्र0 को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, क्वॉण्टम
कम्प्यूटिंग, सेमीकण्डक्टर तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का राष्ट्रीय
नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश

आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस और रोबोटिक्स आने वाली औद्योगिक क्रान्ति के प्रमुख
आधार, नोएडा में विकसित होने वाली ’प्रगति’ परियोजना प्रदेश को विश्वस्तरीय रोबोटिक्स एवं एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का आधार प्रदान करेगी : मुख्यमंत्री

लखनऊ और नोएडा में स्थापित किए जा रहे यू हब अनुसंधान,
नवाचार, स्टार्टअप, उद्योग, निवेशकों और शिक्षण संस्थानों को
एक मंच पर जोड़ते हुए डीप टेक नवाचार के प्रमुख केन्द्र बनेंगे

प्रस्तावित यू हब को केवल स्टार्टअप के लिए कार्यस्थल नहीं, बल्कि
अनुसंधान, नवाचार, उद्योग, निवेश, शिक्षण संस्थानों और प्रतिभाओं को
जोड़ने वाले विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित किया जाए

उ0प्र0 के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप
कौशल उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता

उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम तैयार किए
जाएं, तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, उद्योग जगत और कौशल
विकास संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए

सूचना प्रौद्योगिकी नीति को बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप
अधिक व्यावहारिक, निवेशक अनुकूल और रोजगारोन्मुख बनाया जाए

आई0टी0 उद्योग का विस्तार केवल गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद
तक सीमित न रहकर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक हो

नोएडा में लगभग 75 एकड़ क्षेत्रफल में ’प्रगति’ अर्थात पार्क फॉर
रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, जी0पी0यू0 क्लस्टर्स एण्ड
एडवांस्ड टेक्निकल इनोवेशन विकसित किया जाएगा

वित्तीय वर्ष 2026-27 में लखनऊ और नोएडा में दो
यू हब स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रु0 का प्राविधान


लखनऊ : 16 जुलाई, 2026


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने उत्तर प्रदेश को रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, क्वॉण्टम कम्प्यूटिंग, सेमीकण्डक्टर तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों का राष्ट्रीय नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। आज यहां अपने सरकारी आवास पर आहूत एक उच्चस्तरीय बैठक में सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के कार्यां की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि नोएडा में विकसित होने वाली ’प्रगति’ (च्त्।ळ।ज्प्) परियोजना प्रदेश को विश्वस्तरीय रोबोटिक्स एवं एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग का आधार प्रदान करेगी। इसके साथ ही, लखनऊ और नोएडा में स्थापित किए जा रहे यू हब अनुसंधान, नवाचार, स्टार्टअप, उद्योग, निवेशकों और शिक्षण संस्थानों को एक मंच पर जोड़ते हुए डीप टेक नवाचार के प्रमुख केन्द्र बनेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को नई तकनीकों का केवल उपभोक्ता नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार और उच्च प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण का वैश्विक केन्द्र बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस और रोबोटिक्स आने वाली औद्योगिक क्रान्ति के प्रमुख आधार हैं। इसलिए एक ओर विश्वस्तरीय विनिर्माण अवसंरचना विकसित की जाए तो दूसरी ओर अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाला मजबूत डीप टेक ईकोसिस्टम तैयार किया जाए। उद्योग, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थानों, स्टार्टअप, निवेशकों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित कर ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जहां नई तकनीकें तेजी से प्रयोगशाला से उद्योग तक पहुंच सकें और उत्तर प्रदेश वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेश का प्रमुख केन्द्र बनकर उभरे।
मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि इस उद्देश्य से नोएडा में लगभग 75 एकड़ क्षेत्रफल में ’प्रगति’ (च्त्।ळ।ज्प्) अर्थात पार्क फॉर रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, जी0पी0यू0 क्लस्टर्स एण्ड एडवांस्ड टेक्निकल इनोवेशन विकसित किया जाएगा। यह भारत का पहला एकीकृत रोबोटिक्स एवं एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर होगा, जहां रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केन्द्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग एवं विनिर्माण सुविधा, ए0आई0 कम्प्यूट इन्फ्रास्ट्रक्चर, मोशन कैप्चर लैब, फिजिकल ए0आई0 डेटा सेण्टर, स्टार्टअप इनक्यूबेशन तथा को-वर्किंग स्पेस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही वैश्विक विनिर्माण कम्पनियों, कम्पोनेन्ट निर्माताओं, अनुसंधान एवं विकास केन्द्रों तथा विशेषीकृत सेवा प्रदाताओं का समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र भी विकसित किया जाएगा।
बैठक में यह भी बताया गया कि इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, जेवर अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रक्षा औद्योगिक गलियारा तथा मजबूत औद्योगिक एवं शैक्षणिक आधार के कारण नोएडा इस परियोजना के लिए सर्वाधिक उपयुक्त स्थान है। परियोजना का उद्देश्य प्रदेश को रोबोटिक्स एवं उच्च प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण का राष्ट्रीय केन्द्र बनाना, आयात पर निर्भरता कम करना, एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना तथा अगले पांच वर्षों में लगभग दो हजार करोड़ रुपये से अधिक का सकल मूल्य संवर्धन सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री जी ने प्रस्तावित यू हब को केवल स्टार्टअप के लिए कार्यस्थल नहीं, बल्कि अनुसंधान, नवाचार, उद्योग, निवेश, शिक्षण संस्थानों और प्रतिभाओं को जोड़ने वाले विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केन्द्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा सशक्त मंच तैयार किया जाए, जहां शोध प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीकों का व्यावसायीकरण हो, नवाचार को निवेश मिले और युवाओं को अनुसंधान से उद्यमिता तक आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हों। इसका संचालन पूरी तरह पेशेवर, परिणामोन्मुख और वैश्विक सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप किया जाए।
मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में लखनऊ और नोएडा में दो यू हब स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपये का प्राविधान किया गया है। आई0आई0टी0 कानपुर के निदेशक की अध्यक्षता में गठित विशेषज्ञ समिति ने राष्ट्रीय एवं अन्तरराष्ट्रीय डीप टेक ईकोसिस्टम का अध्ययन कर इसकी अवधारणा, संरचना और संचालन मॉडल तैयार किया है। नोएडा यू हब को क्वॉण्टम कम्प्यूटिंग, सेमीकण्डक्टर डिजाइन, फिजिकल ए0आई0, रोबोटिक्स, रक्षा प्रौद्योगिकी तथा उन्नत जैव प्रौद्योगिकी का केन्द्र बनाया जाएगा। लखनऊ यू हब में एप्लाइड ए0आई0, गवटेक, औद्योगिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के ए0आई0 समाधान, बायोसाइन्स तथा एग्री बायोटेक्नोलॉजी पर विशेष फोकस रहेगा। यू हब के माध्यम से प्रदेश में डीप टेक स्टार्टअप, अनुसंधान आधारित नवाचार, प्रौद्योगिकी के व्यावसायीकरण तथा उच्च मूल्य के निवेश को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके दृष्टिगत आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कम्प्यूटिंग, सेमीकण्डक्टर, डेटा साइन्स तथा अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रमाणन की व्यवस्था विकसित की जाए। उद्योगों की मांग के अनुरूप कौशल विकास कार्यक्रम तैयार किए जाएं तथा तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, उद्योग जगत और कौशल विकास संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी आई0टी0, डिजिटल सेवाओं और नवाचार का केन्द्र बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य किया जाए। सूचना प्रौद्योगिकी नीति को बदलती वैश्विक आवश्यकताओं के अनुरूप अधिक व्यावहारिक, निवेशक अनुकूल और रोजगारोन्मुख बनाया जाए। आई0टी0 उद्योग का विस्तार केवल गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद तक सीमित न रहकर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक हो। इसके लिए आधुनिक आई0टी0 अधोसंरचना विकसित की जाए तथा वैश्विक क्षमता केन्द्रों (जी0सी0सी0), स्टार्टअप, नवाचार आधारित कम्पनियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम आई0टी0 उद्यमों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि नीति का मूल उद्देश्य प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अधिकाधिक अवसर सृजित करना होना चाहिए। स्थानीय युवाओं के कौशल विकास, इन्टर्नशिप, अनुसंधान, नवाचार और पेटेन्ट को प्रोत्साहन दिया जाए। साथ ही, निवेशकों को भूमि, अधोसंरचना और अन्य अनुमतियों से जुड़ी प्रक्रियाएं सरल, पारदर्शी और समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जाएं। उत्तर प्रदेश की बेहतर कानून व्यवस्था, मजबूत कनेक्टिविटी और विकसित औद्योगिक आधार का लाभ उठाकर राज्य को वैश्विक डिजिटल निवेश का पसंदीदा गन्तव्य बनाया जाए।
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