औरैया // सिल्ट व जलकुंभी से पटा रजबहा टेल तक पानी नहीं पहुंचने से धान के किसान परेशान एरवाकटरा गांव शेखूपुर से होते हुए कन्नौज जिले की सीमा पर स्थित गांव भटौरा तक जाने वाला गांगसी रजबहा और इससे जुड़े माइनर में पर्याप्त पानी न पहुंचने से किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। खेतों में रोपाई के लिए तैयार धान की नर्सरी अब 45 दिन या इससे अधिक पुरानी हो चुकी है ऐसे में किसान धान की रोपाई नहीं कर पा रहे हैं
गांगसी रजबहा से रमपुरा, बरौनाकलां, नगला बिजा, उमरेडी, हिरमी, फैजुल्लापुर, नेहरा बोझ, बहादुरपुर रुरु, समायन, सराय कछवाह, रतनपुर, हरचंदापुर, नगला कसान, करमूपुर, जगतपुर, कटैया और भटौरा समेत दर्जनों गांवों के किसानों के खेतों की सिंचाई होती है। किसानों का कहना है कि इस समय धान की रोपाई के लिए पानी की सबसे अधिक जरूरत है लेकिन न तो पर्याप्त बारिश हो रही है और न ही रजबहा का पानी टेल तक पहुंच रहा है।

उमरेडी के किसानों ने आरोप लगाया कि सिल्ट जमा होने के साथ ही जलकुंभी और खरपतवार से रजबहा पटा पड़ा है इससे पानी की गति प्रभावित होने के कारण टेल तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है वही इस सम्बन्ध में सिंचाई विभाग इटावा प्रखंड के अवर अभियंता राजेश राजपूत ने बताया कि करीब 73 किमी लंबे गांगसी रजबहा में पानी छोड़ा जा चुका है और फिलहाल पानी ओवर चल रहा है। बारिश कम होने के कारण बीच के क्षेत्र में किसान अधिक मात्रा में पानी ले रहे हैं ऐसे में यदि और पानी छोड़ा गया तो रजबहा में कटान होने की आशंका है वहीं किसानों का कहना है कि अभियंता अपना बचाव करते हुऐ गुमराह कर रहे है और बोले जिम्मेदार लोग घोर लापरवाह है कई किसानों की धान की नर्सरी पानी के अभाव में सूख रही है अगर पानी नही मिला तो धान की नर्सरी नष्ट हो जायेगी सरकार प्रत्येक खेत तक पानी पहुंचाने के लिए दृढ़ संकल्प है वही लपहवाह अधिकारी सरकार की योजनाओं को पलीता लगाने में लगे हुऐ है।



रिपोर्ट :- जितेन्द्र कुमार हिन्दी संवाद न्यूज उत्तर प्रदेश

Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने