*यूपी रेरा*

*दिनांक: 25-07-2026*


*उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में मजबूत विकास का संकेत देती है यूपी रेरा की अर्धवार्षिक रिपोर्ट*

* *वर्ष 2026 की पहली छमाही में 143 नई रियल एस्टेट परियोजनाएं पंजीकृत, वर्ष 2025 की पहली छमाही में यह संख्या 134 थी*

* *वर्ष 2026 की पहली छमाही में 46,049 आवासीय इकाइयों का प्रस्ताव, वर्ष 2025 की पहली छमाही में 35,082 इकाइयां प्रस्तावित थीं*


*गौतमबुद्ध नगर*: उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) की वर्ष 2026 की अर्धवार्षिक रिपोर्ट राज्य के रियल एस्टेट क्षेत्र में लगातार हो रही मजबूत प्रगति को दर्शाती है। रिपोर्ट के अनुसार परियोजनाओं के पंजीकरण, आवासीय इकाइयों की संख्या, पूंजी निवेश तथा घर खरीदारों की शिकायतों के प्रभावी निस्तारण में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे रियल एस्टेट बाजारों में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।


*वर्ष 2026 की पहली छमाही में 143 नई परियोजनाएं पंजीकृत*


वर्ष 2026 के पहले छह महीनों में यूपी रेरा ने प्रदेश में *143 नई रियल एस्टेट परियोजनाओं* का पंजीकरण किया। इनमें सबसे अधिक परियोजनाएं *लखनऊ (37), गौतमबुद्ध नगर (27), गाजियाबाद (19), आगरा (10), मथुरा (10), वाराणसी (7), झांसी (3), बाराबंकी (3), बरेली (3) तथा प्रयागराज (3)* में पंजीकृत हुईं।

इन परियोजनाओं के अंतर्गत *46,049 आवासीय इकाइयों* के निर्माण का प्रस्ताव है, जिनमें लगभग *₹31,952 करोड़* का निवेश किया जाएगा।

यह आंकड़े उत्तर प्रदेश सरकार की नीतियों, रियल एस्टेट क्षेत्र में निवेशकों के बढ़ते विश्वास, नियामकीय अनुपालन तथा आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) के विकास के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाते हैं।

 *पारंपरिक क्षेत्रों से आगे बढ़ रहा है रियल एस्टेट विकास*


अर्धवार्षिक रिपोर्ट का एक प्रमुख निष्कर्ष यह है कि अब रियल एस्टेट विकास केवल एनसीआर या लखनऊ तक सीमित नहीं रह गया है। प्रदेश के अन्य शहर भी तेजी से नए रियल एस्टेट केंद्र के रूप में उभर रहे हैं।

हालांकि निवेश और लक्ज़री आवासीय परियोजनाओं के मामले में *गौतमबुद्ध नगर* और *गाजियाबाद* अभी भी अग्रणी हैं। दूसरी ओर, परियोजनाओं की संख्या के आधार पर *लखनऊ* एनसीआर के बाहर प्रदेश का सबसे प्रमुख रियल एस्टेट केंद्र बनकर उभरा है।

गौतमबुद्ध नगर में परियोजनाओं की संख्या कम होने के बावजूद वहां बड़े आकार की परियोजनाएं तथा लक्ज़री एवं सुपर लक्ज़री आवास विकसित किए जा रहे हैं, जिसके कारण निवेश और आवासीय इकाइयों की संख्या अधिक है। इसी प्रकार गाजियाबाद में भी अपेक्षाकृत कम परियोजनाओं के बावजूद निवेश और आवासीय इकाइयों की संख्या अधिक है। इसका मुख्य कारण यह है कि एनसीआर क्षेत्र विशेष रूप से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के साथ-साथ देशभर के घर खरीदारों की मांग को पूरा करता है।


*वर्ष 2026 की पहली छमाही में लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर एवं गाजियाबाद में पंजीकृत परियोजनाओं का विवरण*


| क्र.सं. | जनपद          | परियोजनाएं | निवेश (₹ करोड़) | इकाइयां |

| ------- | ------------- | ---------: | --------------: | ------: |

| 1.      | लखनऊ          |         37 |           3,834 |   9,872 |

| 2.       | गौतमबुद्ध नगर |         27 |          15,678 |  13,160 |

| 3.       | गाजियाबाद     |         19 |           3,989 |   9,500 |


*वर्ष 2023 से 2025 के बीच लगातार बढ़ा रियल एस्टेट क्षेत्र*


अर्धवार्षिक रिपोर्ट पिछले तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में हुई निरंतर प्रगति को भी दर्शाती है।


* वर्ष *2023 में 197*, *2024 में 259* तथा *2025 में 308* परियोजनाएं पंजीकृत हुईं। वर्ष 2025 में वर्ष 2024 की तुलना में *49 अधिक परियोजनाएं* पंजीकृत हुईं, जो लगभग *19 प्रतिशत वृद्धि* है।

* आवासीय इकाइयों की संख्या भी लगातार बढ़ी है। वर्ष *2023 में 55,297*, *2024 में 69,365* तथा *2025 में 84,976* आवासीय इकाइयां प्रस्तावित हुईं। वर्ष 2025 में वर्ष 2024 की तुलना में *15,611 अधिक इकाइयां* प्रस्तावित हुईं, जो लगभग *22.5 प्रतिशत वृद्धि* है। वर्ष 2023 से 2025 के दौरान कुल *2,09,638* आवासीय इकाइयां प्रस्तावित हुईं। वर्ष 2026 की पहली छमाही में प्रस्तावित *46,049* नई इकाइयों को जोड़ने पर यह संख्या बढ़कर *2,55,687* हो गई है।

* पूंजी निवेश वर्ष *2023 में ₹28,411 करोड़*, *2024 में ₹44,526 करोड़* तथा *2025 में ₹68,328 करोड़* रहा। वर्ष 2025 में वर्ष 2024 की तुलना में *₹23,802 करोड़* अधिक निवेश हुआ, जो लगभग *53.5 प्रतिशत वृद्धि* है।

ये आंकड़े बताते हैं कि राज्य का रियल एस्टेट क्षेत्र लगातार विस्तार कर रहा है और इसमें सरकारी नीतियों तथा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण योगदान है।


*यूपी रेरा के माध्यम से घर खरीदारों को ₹2,173 करोड़ से अधिक की राशि वापस मिली*


यूपी रेरा ने अपनी प्रभावी वसूली और प्रवर्तन व्यवस्था के माध्यम से बड़ी संख्या में घर खरीदारों को राहत प्रदान की है।

* जिला अधिकारियों से वसूली होने के बाद *6,411 मामलों* में *₹1,623.28 करोड़* सीधे आवंटियों के बैंक खातों में हस्तांतरित किए गए।

* इसके अतिरिक्त, रिकवरी प्रमाणपत्रों के आधार पर प्रमोटरों से हुए समझौतों के माध्यम से *1,801 आवंटियों* को *₹550.50 करोड़* की राशि दिलाई गई।

* इस प्रकार रिकवरी प्रमाणपत्रों से संबंधित *8,212 मामलों* में घर खरीदारों को कुल *₹2,173.78 करोड़* की राशि प्राप्त हुई।


ये वे घर खरीदार थे, जिन्होंने परियोजनाओं के अधूरे रहने या अत्यधिक विलंब होने के कारण अपनी जमा पूंजी वापस मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। यूपी रेरा लगातार ऐसे प्रभावित घर खरीदारों के हितों की रक्षा करते हुए प्रमोटरों में अनुशासन सुनिश्चित कर रहा है।


*यूपी रेरा के विभिन्न मंचों पर ₹6,032 करोड़ से अधिक के संपत्ति विवादों का समाधान*


यूपी रेरा के विभिन्न विवाद निस्तारण मंचों के माध्यम से *11,558 मामलों* में कुल *₹6,032.42 करोड़* मूल्य के संपत्ति विवादों का समाधान किया गया।


इनका विवरण इस प्रकार है—


* यूपी रेरा की पीठों के समक्ष *3,237 मामलों* में *₹1,958 करोड़* के विवादों का निस्तारण।

* सुलह (कंसिलिएशन) फोरम के माध्यम से *1,648 मामलों* में *₹657 करोड़* मूल्य के विवादों का समाधान।

* यूपी रेरा पोर्टल के माध्यम से *6,673 आवंटियों* से जुड़े *₹3,417.42 करोड़* के मामलों में आपसी सहमति से समाधान कराया गया।

सुलह और आपसी सहमति पर आधारित विवाद समाधान व्यवस्था से घर खरीदारों और प्रमोटरों दोनों को लाभ मिला है।

*'रेरा संवाद' से हितधारकों को लगातार मिल रही है राहत*


कोविड-19 महामारी के दौरान मई 2020 में शुरू किया गया *'रेरा संवाद'* आज हितधारकों की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी डिजिटल मंच बन चुका है। इसके माध्यम से लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा सीधे अपनी समस्याएं प्रस्तुत कर समयबद्ध समाधान प्राप्त कर सकते हैं।

अब तक यूपी रेरा *206 रेरा संवाद* कार्यक्रम आयोजित कर चुका है, जिनमें *5,375 मामलों* का सफलतापूर्वक समाधान किया गया है।

*अर्धवार्षिक रिपोर्ट से रियल एस्टेट क्षेत्र की मजबूत प्रगति स्पष्ट*


वर्ष 2026 की अर्धवार्षिक रिपोर्ट यह दर्शाती है कि यूपी रेरा राज्य में पारदर्शिता बढ़ाने, उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करने तथा निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। परियोजनाओं के बढ़ते पंजीकरण, निवेश में वृद्धि, विवादों के त्वरित समाधान तथा नए रियल एस्टेट केंद्रों के उभरने से उत्तर प्रदेश घर खरीदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स दोनों के लिए एक आकर्षक राज्य के रूप में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है।


*यूपी रेरा अध्यक्ष श्री संजय भूसरेड्डी का वक्तव्य*

यूपी रेरा के अध्यक्ष *श्री संजय भूसरेड्डी* ने कहा, *"अर्धवार्षिक रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र में घर खरीदारों और निवेशकों के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। परियोजनाओं के पंजीकरण, आवासीय इकाइयों की उपलब्धता और पूंजी निवेश में लगातार हो रही वृद्धि राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों तथा यूपी रेरा की पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्ध परियोजना क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।*


यह विशेष रूप से उत्साहजनक है कि एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश के कई अन्य शहर भी प्रमुख रियल एस्टेट केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। यह परिवर्तन तेज़ी से विकसित हो रहे आधारभूत ढांचे और प्रभावी नियामकीय व्यवस्था का परिणाम है। यूपी रेरा घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी शिकायत निस्तारण, बकाया राशि की शीघ्र वसूली तथा आपसी सहमति से विवादों के समाधान की व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।


*हमारा प्रयास नियामकीय अनुपालन को और सुदृढ़ करना, जिम्मेदार रियल एस्टेट विकास को बढ़ावा देना तथा एक पारदर्शी, उपभोक्ता-केंद्रित व्यवस्था विकसित करना है, जिससे उत्तर प्रदेश के रियल एस्टेट क्षेत्र का सतत विकास सुनिश्चित हो सके।"*

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