108 ई.एम.टी.एस. एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की जीवनरेखा है
लखनऊ-12 जुलाई, 2026
जीवन अनिश्चितताओं से भरा है। सड़क दुर्घटना, अचानक हृदयाघात, गंभीर बीमारी अथवा प्रसव जैसी आपातकालीन परिस्थितियां किसी भी व्यक्ति और परिवार के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण होती हैं। ऐसे समय में चिकित्सा सहायता का हर एक मिनट अमूल्य होता है, क्योंकि समय पर उपचार ही कई बार जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करता है। इसी आवश्यकता को समझते हुए उत्तर प्रदेश में संचालित 108 ई.एम.टी.एस. (इमरजेंसी मेडिकल ट्रांसपोर्ट सर्विस) एम्बुलेंस सेवा आज करोड़ों लोगों के लिए भरोसे, सुरक्षा और जीवन रक्षा का पर्याय बन चुकी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ, त्वरित और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। 108 एम्बुलेंस सेवा इसी संवेदनशील और जनकल्याणकारी सोच का सशक्त उदाहरण है, जिसने संकट की घड़ी में लाखों परिवारों को नई उम्मीद दी है।
स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक सफलता केवल आधुनिक अस्पतालों या चिकित्सकों की उपलब्धता से नहीं, बल्कि इस बात से भी तय होती है कि आपातकाल की स्थिति में मरीज तक चिकित्सा सहायता कितनी शीघ्र पहुंचती है। विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए समय पर एम्बुलेंस की उपलब्धता किसी वरदान से कम नहीं होती। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए 108 ई.एम.टी.एस. सेवा को एक ऐसी समर्पित आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है, जो चैबीसों घंटे, वर्ष के सभी 365 दिन बिना किसी भेदभाव के आमजन की सेवा में तत्पर रहती है।
यह व्यवस्था पूरी तरह एकीकृत कॉल सेंटर आधारित प्रणाली पर संचालित होती है, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक दुर्घटना, गंभीर बीमारी, हृदयाघात, प्रसव पीड़ा अथवा अन्य चिकित्सा आपातकाल की स्थिति में केवल टोल-फ्री नंबर 108 डायल कर तत्काल सहायता प्राप्त कर सकता है। सूचना प्राप्त होते ही अत्याधुनिक संचार प्रणाली के माध्यम से निकटतम एम्बुलेंस को मौके के लिए रवाना किया जाता है, जिससे मरीज तक कम से कम समय में चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने समय के साथ इस सेवा को और अधिक प्रभावी, तेज और उत्तरदायी बनाने के लिए इसके संचालन तंत्र में निरंतर सुधार किए हैं। सेवा के प्रारंभिक चरण में शहरी क्षेत्रों में एम्बुलेंस के 20 मिनट तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 मिनट के भीतर पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। लेकिन जुलाई 2019 से लागू नए संचालन मॉडल के अंतर्गत इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया तथा शहरी एवं ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के लिए अधिकतम 15 मिनट का रिस्पॉन्स टाइम निर्धारित किया गया। बेहतर तकनीक, आधुनिक प्रबंधन प्रणाली, प्रभावी निगरानी और प्रशासनिक दक्षता के परिणामस्वरूप जनवरी 2025 तक इस सेवा का वास्तविक औसत रिस्पॉन्स टाइम घटकर केवल 7.30 मिनट रह गया, जो निर्धारित मानक से भी कहीं अधिक बेहतर उपलब्धि है। यह सुधार इस बात का प्रमाण है कि समयबद्ध चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
आपातकालीन सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाने के लिए एम्बुलेंस बेड़े का भी व्यापक विस्तार किया गया है। सेवा के शुरुआती वर्षों में जहां प्रदेश में 1,488 एम्बुलेंस संचालित थीं, वहीं वर्तमान में इनकी संख्या बढ़कर 2,200 हो गई है। इसी प्रकार प्रत्येक एम्बुलेंस द्वारा प्रतिदिन किए जाने वाले औसत फेरों (ट्रिप्स) की संख्या 4 से बढ़ाकर 5 कर दी गई है। संसाधनों में यह वृद्धि केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे प्रदेश के अधिक से अधिक नागरिकों तक समयबद्ध चिकित्सा सहायता पहुंचाना संभव हुआ है। बढ़ती जनसंख्या और स्वास्थ्य सेवाओं की बढ़ती मांग को देखते हुए यह विस्तार सरकार की दूरदर्शी कार्ययोजना को भी दर्शाता है।
108 ई.एम.टी.एस. सेवा की सबसे बड़ी सफलता उन करोड़ों लोगों की जिंदगी में दिखाई देती है जिन्हें समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सकी। अपनी स्थापना, से लेकर जनवरी 2026, तक यह सेवा लगभग 3.60 करोड़ रोगियों तक पहुंचकर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी है। यह संख्या केवल सेवा के व्यापक विस्तार का परिचायक नहीं, बल्कि उन करोड़ों परिवारों के विश्वास की भी कहानी है जिनके लिए यह एम्बुलेंस संकट की घड़ी में जीवन की नई आशा बनकर पहुंची।
इस सेवा का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक समान रूप से पहुंच रहा है। विशेष रूप से गरीब, ग्रामीण, बुजुर्ग, महिलाएं, नवजात शिशु और गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए यह सेवा किसी जीवनदायिनी व्यवस्था से कम नहीं है। दूरस्थ क्षेत्रों में जहां निजी चिकित्सा सुविधाएं सीमित हैं, वहां 108 एम्बुलेंस लोगों और अस्पतालों के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य कर रही है। इससे न केवल समय पर उपचार सुनिश्चित हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत हुआ है।
आज आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में आधुनिक तकनीक, त्वरित संचार प्रणाली और प्रशिक्षित मानव संसाधन का समन्वय स्वास्थ्य व्यवस्था को नई मजबूती प्रदान कर रहा है। 108 ई.एम.टी.एस. सेवा इस समन्वित व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता साथ-साथ कार्य करती हैं। प्रत्येक कॉल केवल एक सूचना नहीं होती, बल्कि किसी जीवन को बचाने की जिम्मेदारी होती है, जिसे यह सेवा पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभा रही है।
प्रदेश सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनसुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं का विस्तार, आधुनिक एम्बुलेंस, बेहतर उपकरण, प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ तथा प्रभावी निगरानी व्यवस्था आने वाले समय में इस सेवा को और अधिक सक्षम बनाएगी। लक्ष्य केवल एम्बुलेंस की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक जरूरतमंद तक न्यूनतम समय में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सहायता पहुंचाना है।

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