बलरामपुर - भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के दिशा-निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी / जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के अध्यक्षों/प्रतिनिधियों के साथ मतदेय स्थलों के संभाजन एवं पुनर्गठन के संबंध में बैठक आयोजित की गई।
बैठक में मतदेय स्थलों के संभाजन एवं पुनर्गठन से संबंधित आयोग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई।
बैठक में अवगत कराया गया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देशानुसार जनपद के समस्त मतदेय स्थलों का पुनः परीक्षण एवं संभाजन कराया जा रहा है। आयोग के निर्देशानुसार 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदेय स्थलों का विभाजन कर नए मतदेय स्थल स्थापित किए जाएंगे, ताकि मतदान प्रक्रिया अधिक सुगम एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस प्रक्रिया के अंतर्गत 24 जून से 31 जुलाई 2026 तक विभिन्न चरणों में भौतिक सत्यापन, पुनर्निर्धारण, प्रारूप सूची प्रकाशन, आपत्तियों का निस्तारण एवं अंतिम प्रस्ताव तैयार किए जाएंगे। इस दौरान राजनीतिक दलों से प्राप्त सुझावों एवं आपत्तियों का  परीक्षण कर नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सभी मतदेय स्थल भूतल पर ही स्थापित किए जाएंगे, दिव्यांग मतदाताओं की सुविधा हेतु रैंप की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी परिवार के मतदाता अनावश्यक रूप से अलग-अलग मतदान केंद्रों पर विभाजित न हों।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आयोग के दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करते हुए मतदेय स्थलों के संभाजन का कार्य समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण कराया जाए।
बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक सुदृढ़ एवं जनसुविधा उन्मुख बनाने में सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की गई।
इस दौरान राजनैतिक दलों के प्रतिनिधिगण मौजूद रहें।

                हिन्दी संवाद न्यूज से
                  रिपोर्टर वी. संघर्ष
                    बलरामपुर। 

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