उतरौला बलरामपुर -इमामिया ट्रस्ट के अध्यक्ष ऐमन रिजवी के नेतृत्व में निकाला गया जुलूस 6 मोहर्रम का जुलूस। मरहूम शौकत हुसैन के इमाम बारगाह से निकल कर अपने अपने मुख्य मार्ग से होता हुआ महिला पुलिस चौकी की गली से होकर मरहूम तौकीर हुसैन के अजाखाने में जाकर समाप्त हुआ छः मोहर्रम का जुलूस हजरत अब्बास अली जो हुसैनी फोज के कमांडर थे, और रसूल अल्लाह के नवासे इमामे हुसैन के छोटे भाई थे, जो इस्लाम की तारीख में बहादुरी की एक मिसाल थे, इमाम हुसैन ने उनको जंग की इजा जत नहीं दिया पहले नहर से पानी लाने के लिए कहा जब नहरें फुरात पर हजरत अब्बास अपने घोड़े पर बैठकर वहां पहुंचे, तो यजीदी फौज में कोहराम सा मच गया पानी भरकर जब वह वापस आ रहे थे, तो एक साथ कई लाख के लश्कर ने उन पर हमला किया जिससे उनके दोनों बाजू कलम हो गए उन्हीं की याद में आज के दिन अलम का जुलूस पूरी दुनिया में निकाला जाता है।
जुलूस में हाय सकीना हाय अब्बास कहते हुए अंजुमन कमरे बनी हाशिम के नोहा खां व सभी सदस्य नारा लगा ते हुए नोहा पढ़ते हुए अजा खाने में पहुंचे जुलूस में प्रशासन मुस्तैद दिखाई दिया प्रभारी निरीक्षक अव धेश राज सिंह कस्बा चौकी इंचार्ज अनिल कुमार के साथ-साथ भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। जुलूस में डॉक्टर अली नवाज शारिब रिजवी नुसरत हुसैन अली हसनजफर अली जाफरी, अनीस उतरौलवी, हसनैन अली आब्दी, फरमान रिजवी, नश्शन रिजवी के साथ-साथ सैकड़ो की तादात में लोगों ने मौला हुसैन को पुरसा दिया।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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