बलरामपुर- अदम्य साहस, कड़ी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर एवरेस्ट बेस कैंप (Everest Base Camp) पहुंचकर जिले का नाम रोशन करने वाली होनहार बेटियों में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय पचपेड़वा की छात्रा नीलांशु, डीएवी इंटर कॉलेज की छात्रा प्रियंका उपाध्याय एवं कंपोजिट स्कूल रामनगरा की छात्रा प्रियंका प्रजापति एवं हैंडबाल प्रशिक्षक स्पोर्ट स्टेडियम हिना खातून का जनपद आगमन पर कलेक्ट्रेट सभागार में भव्य स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिलाधिकारी डॉ विपिन कुमार जैन ने सभी छात्राओं और शिक्षिका को बधाई देते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि इन बेटियों ने न सिर्फ अपने माता-पिता बल्कि पूरे जनपद का गौरव बढ़ाया है। इनकी यह असाधारण सफलता समाज की अन्य सभी बालिकाओं के लिए प्रेरणा का एक बड़ा स्रोत बनेगी।
इस दौरान छात्राओं ने एवरेस्ट बेस कैंप के अपने रोमांचक और चुनौतीपूर्ण अनुभवों को साझा किया। उन्होंने बताया कि शून्य से नीचे के तापमान, कम ऑक्सीजन और बेहद कठिन रास्तों के बीच यह सफर काफी मुश्किलों भरा था। लेकिन देश का तिरंगा फहराने के जज्बे और अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बदौलत उन्होंने इस नामुमकिन से दिखने वाले लक्ष्य को मुमकिन कर दिखाया।
इस गर्व के क्षण में छात्राओं ने जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी को एवरेस्ट बेस कैंप पर तिरंगा लहराते हुए अपनी एक विशेष फोटो फ्रेम भेंट की।
*प्रशासन की विशेष पहल: प्रकाशित होगी बेटियों की डायरी*
इस दौरान जिलाधिकारी ने एक सराहनीय और विशेष पहल की। उन्होंने कहा:
"छात्राओं ने इस पूरे सफर के दौरान जो भी अनुभव अपनी डायरी में लिखे हैं, जिला प्रशासन उसे एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित करवाएगा। यह डायरी अन्य बेटियों को जीवन में बड़े सपने देखने और चुनौतियों से न डरने की सीख देगी।"
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
इस दौरान छात्राओं के माता-पिता भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। अपनी बेटियों की इस बड़ी कामयाबी पर बेहद गौरवान्वित रहें।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी सहित जिला प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और खेल विभाग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने बेटियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
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