उत्तर प्रदेश के अम्बेडकरनगर जिले में टाण्डा नगर पालिका के शपथ ग्रहण समारोह में बड़ी अव्यवस्था देखने को मिली। तीन अप्रैल 2026 को शासन द्वारा नामित पांच सभासदों को शपथ दिलाई जानी थी, लेकिन प्रशासनिक लापरवाही के चलते दो सभासद शपथ लेने से वंचित रह गए। सबसे हैरानी की बात यह रही कि पालिकाध्यक्ष  शाबान नाज़ सहित अधिकांश जनप्रतिनिधि इस गरिमापूर्ण अवसर पर नदारद रहे।

शासनादेश में नामों को लेकर गंभीर त्रुटि सामने आई। अंशु बग्गा का वास्तविक नाम मनप्रीत सिंह बग्गा है, जबकि आदेश में अंशु बग्गा दर्ज था। वहीं संजीव जायसवाल के पिता के नाम में भी अशुद्धि थी। नतीजा यह हुआ कि मंच पर माला पहनाए जाने के बावजूद इन दोनों को शपथ नहीं दिलाई जा सकी और उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा। वहीं गौतम उपाध्याय, संदीप मांझी और रिदम खन्ना ने शपथ ले ली।

समारोह का स्थान भी सुसज्जित मदनी हाल से बदलकर अचानक तहसील सभागार कर दिया गया, जिससे इसकी अव्यवस्था और गहरी हो गई। भाजपा सभासद दशरथ मांझी, पूनम सोनी, आशीष यादव समेत एक दर्जन से अधिक जनप्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में उपस्थित होना उचित नहीं समझा। हालांकि भाजपा जिला उपाध्यक्ष रमेश गुप्ता और नगर अध्यक्ष तेजस्वी जायसवाल अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

प्रशासन ने इस मामले पर सफाई देते हुए बताया कि नाम संशोधन के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया है। नगर पालिका प्रभारी नीरज गौत्तम के अनुसार, संशोधित आदेश आते ही दोनों सभासदों को शपथ दिला दी जाएगी।

पूरा मामला टाण्डा क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग तीन बड़े सवाल उठा रहे हैं: पहला, शासन द्वारा नामित सभासदों के नामों में इतनी बड़ी त्रुटि कैसे हो गई? दूसरा, शपथ ग्रहण जैसे संवैधानिक कार्यक्रम से पालिकाध्यक्ष सहित अधिकांश सभासद क्यों अनुपस्थित रहे? तीसरा, क्या इस अव्यवस्था के पीछे भाजपा नगर कमेटी में गुटबाजी है?


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