नई दिल्ली, 1 फरवरी । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को संसद में 2026-27 का केंद्रीय बजट पेश किया, जिसमें अगले पांच साल में तीन नए आयुर्वेदिक एम्स बनाने और देश में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की बड़ी घोषणाएं की गई हैं। इसके साथ ही, सरकार ने राजकोषीय अनुशासन बनाए रखते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.5 प्रतिशत से नीचे रखने का लक्ष्य तय किया है।
यह वित्त मंत्री सीतारमण का लगातार नौवां बजट है। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि यह बजट 'युवाशक्ति' से प्रेरित है और तीन प्रमुख कर्तव्यों - गरीबी उन्मूलन, बुनियादी ढांचे का विकास और तकनीकी क्षमता में वृद्धि - पर केंद्रित है। आर्थिक विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकार के आर्थिक रोडमैप में यह बजट एक और बड़ा कदम है।
बजट 2026-27 की प्रमुख घोषणाएं:
· स्वास्थ्य क्षेत्र: देश में तीन नए आयुर्वेदिक एम्स (अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान) स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, 'बायो-फार्मा शक्ति' योजना के तहत 10,000 करोड़ रुपये के निवेश से तीन नए बायो-फार्मा संस्थान खोले जाएंगे।
· परिवहन एवं रेल: सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा, पश्चिम बंगाल के डानकुनी को जोड़ने के लिए एक नया मालगाड़ी (फ्रेट) कॉरिडोर भी बनाया जाएगा।
· बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर): अगले वित्त वर्ष के लिए पूंजीगत खर्च (कैपेक्स) 12.2 लाख करोड़ रुपये रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये के बजट से अधिक है।
· खनिज संसाधन: दुर्लभ खनिजों के दोहन के लिए केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में विशेष 'रेयर अर्थ कॉरिडोर' बनाए जाएंगे। इन प्रयासों में आंध्र प्रदेश को भी शामिल किया जाएगा।
· विनिर्माण एवं तकनीक: देश में बड़े कपड़ा (टेक्सटाइल) पार्क स्थापित किए जाएंगे। सेमीकंडक्टर उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' (ISM 2.0) शुरू किया जाएगा। मोबाइल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स के कलपुर्जों (कंपोनेंट्स) के निर्माण के लिए आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया है।
वित्त मंत्री के बजट भाषण के दौरान शेयर बाजार में तेजी देखी गई। टैक्सदाताओं और व्यवसायियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार नई कर छूट या प्रोत्साहन जैसी किन योजनाओं की घोषणा करती है।
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know