बलरामपुर- विकास खंड तुलसीपुर अंतर्गत ग्राम लालबोझी में आंगनबाड़ी कार्यकत्री भर्ती प्रक्रिया-2025 में पैसे के लेन-देन की प्राप्त शिकायत को जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई हैं।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, सीडीपीओ हरैया सतघरवा तथा सीडीपीओ बलरामपुर देहात की 05 सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।
जांच समिति द्वारा प्रस्तुत आख्या में यह स्पष्ट रूप से पुष्टि हुई है कि परियोजना कार्यालय तुलसीपुर में तैनात परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद एवं जिले में तैनात तत्कालीन आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल के बाबू श्री रामसूचित वर्मा द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए शिकायतकर्ता से आंगनबाड़ी चयन प्रक्रिया में तैनाती के लिए ₹1,40,000 (एक लाख चालीस हजार रुपये) की धनराशि ली गई। जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे प्रकरण में बिचौलिए मुन्नालाल जायसवाल की सक्रिय भूमिका रही।
समिति द्वारा संस्तुति की गई है कि चयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्री के आय प्रमाण पत्र की पुनः तहसील स्तर से जांच कराई जाए।
जांच रिपोर्ट के आधार पर परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद एवं तत्कालीन आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल के बाबू श्री रामसूचित वर्मा के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता एवं पद के दुरुपयोग की पुष्टि होने के उपरांत प्रशासन द्वारा कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। प्रकरण में दोनों लिपिक एवं बिचौलिए के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई की जा रही है, दोषियों को जेल भेजे जाने की कार्रवाई की गई है तथा दोनों बाबुओं के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई भी प्रचलित की जा रही है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनपद में होने वाली सभी भर्तियां पूर्णतः पारदर्शी एवं मेरिट के आधार पर कराना प्रशासन की शीर्ष प्राथमिकता है। किसी भी भर्ती या जनकल्याणकारी योजना में भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने अपील की है कि यदि किसी भी विभाग में भर्ती के नाम पर कोई व्यक्ति धनराशि की मांग करता है तो उसकी तत्काल सूचना जिला प्रशासन को दें, किसी के झांसे में न आएं। दोषियों को कानून के दायरे में लाकर कठोर दंड सुनिश्चित किया जाएगा।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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