हज़रत इमाम हुसैन की यौमे विलादत पर अंजु मन-ए-हुसैनिया के बैनर तले एक मजलिस का आयोजन दरगाह हज़ रत अब्बास के आस्ताने पर किया गया। महफिल की निज़ामत मोनिस रिज़वी एडवोकेट ने किया। मुक़ामी शायर मौलना ज़ायर अब्बास, नूर इलाही, सदाक़त उतरौलवी, मीसम उतरौलवी, डॉक्टर ज़ीशान मेहंदी,आफ़ ताब, काशिफ, फरीद, समर आदि लोगो ने हज़रत इमाम हुसैन की शान में अपना कलाम पेश किया। देर रात्रि तक लोगों ने नज्र दी और इस कार्यक्रम में शामिल होकर एक- दूसरे को इमाम हुसैन की विलादत की मुबारक बाद दी। घरों व इबादतगाहों में झंडे- झंडिया भी लगायी गई। इमाम हुसैन की विला दत की खुशी में लोग अपने रिश्तेदारों, अजी जों और दोस्तों के यहां नज्र चखने के लिए पहुंचे। लोगों ने सबीलों व लंगर का आयोजन भी किया, जहां से बिर यानी, पूरी, मिठाईआदि का वितरण भी किया गया। महफिल को मौलाना जायर अब्बास ने खिताब करते हुए कहा, कि इमाम हुसैन हिदायत नजात का जरि या है। उन्होंने इमाम हुसैन के जीवन को इंसाफ़, सब्र, क़ुर्बानी और हक़ के लिए डट कर खड़े होने का अमर पैग़ाम बताया। लोगों से इमाम हुसैन के बताए हुए रास्ते पर चलकर समाज में अमन, भाई चारा और इंसानियत को मज़बूत करने की भी अपील की।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
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