बबलू गर्ग ब्यूरो चीफ हिंदी संवाद न्यूज़ 
नई दिल्ली। प्रख्यात संगीतकार ए. आर. रहमान द्वारा हाल ही में दिए गए बयान को लेकर यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट में गहरा रोष और आक्रोश व्याप्त है। यूनाइेटेड हिन्दू फ्रंट का मानना है कि ए. आर. रहमान का यह बयान न केवल करोड़ों सनातनियों की भावनाओं को आहत करने वाला है, बल्कि देश की सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता को भी ठेस पहुँचाने वाला है।
यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष जय भगवान गोयल ने कहा कि ए. आर. रहमान जैसे यक्ति से समाज को जोड़ने, सौहार्द बढ़ाने और राष्ट्रहित में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपेक्षा की जाती है, न कि ऐसे गैर-जिम्मेदाराना बयान देने की, जिससे समाज में भ्रम और वैमनस्य फैलने की आशंका हो। उन्होंने कहा कि कला और संगीत की दुनिया से जुड़े व्यक्तियों को अपनी लोकप्रियता और प्रभाव का प्रयोग समाज को तोड़ने के बजाय जोड़ने के लिए करना चाहिए।
 गोयल ने कहा कि भारत की सनातन संस्कृति अत्यंत सहिष्णु, उदार और सर्वसमावेशी रही है। किसी भी प्रकार से सनातन धर्म पर टिप्पणी करना अस्वीकार्य है। यूनाईटेड हिन्दू फ्रंट ए. आर. रहमान से अपेक्षा करता है कि वे अपने बयान पर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण दें और यदि उनके शब्दों से किसी की भावनाएँ आहत हुई हैं तो बिना विलंब खेद प्रकट करें।
गोयल ने यह भी चेतावनी दी कि यदि भविष्य में इस प्रकार के बयान देकर सनातन संस्कृति और हिन्दू समाज की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का प्रयास किया गया, तो संगठन देशभर में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने को बाध्य होगा।
 गोयल ने सभी बुद्धिजीवियों, कलाकारों और सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्तियों से अपील की कि वे अपने शब्दों और वक्तव्यों में संयम बरतें तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द को सर्वोपरि रखें।

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