भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अधीन केंद्रीय बकरी अनुसंधान संस्थान ;आईसीएआरदृसीआईआरजीद्धए मखदूम तथा गिरिनंद एग्रो प्राइवेट लिमिटेड के मध्य आज बकरी विकास एवं वैल्यू चेन डेवलपमेंट के क्षेत्र में सहयोग हेतु एक समझौता ज्ञापन ;डवन्द्ध पर हस्ताक्षर किए गए। यह डवन् आईसीएआरदृसीआईआरजी परिसरए मखदूम में संपन्न हुआ ।


इस समझौता ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य बकरी पालकों का एक सशक्त किसान नेटवर्क विकसित करना हैए जिसके अंतर्गत लगभग 2500 किसानों की क्षमता वृद्धि बकरी उत्पादन के विभिन्न पहलुओंकृजैसे प्रजननए पोषणए स्वास्थ्य प्रबंधन एवं आधुनिक पालन तकनीकों में की जाएगी। इसके साथ ही उन्नत नस्लीय प्रजनन पशुओं की आपूर्ति श्रृंखलाए जीवित बकरियों तथा बकरी आधारित प्रसंस्कृत उत्पादों के विपणन हेतु संगठित मार्केटिंग एवं वैल्यू चेन विकासए तथा कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग मॉडल के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित बाजार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगाए जिससे किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित हो सके । यह सहयोग किसानों एवं क्षेत्रीय स्तर के उद्यमियों की क्षमता निर्माण को बढ़ावा देनेए आईसीएआर की प्रमाणित प्रौद्योगिकियों के मैदानी स्तर पर हस्तांतरण को सुगम बनाने तथा बकरी.आधारित आजीविका के एक सशक्त एवं टिकाऊ पारितंत्र ;ईकोसिस्टमद्ध के विकास में सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है ।


इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ मनीष कुमार चेटली ने कहा कि यह साझेदारी अनुसंधान एवं क्षेत्रीय क्रियान्वयन के बीच की दूरी को खत्म करने में सहायक सिद्ध होगी तथा बकरी पालन आधारित आजीविका को सुदृढ़ बनाएगी ।


गिरिनंद एग्रो प्राण् लिण् के श्री गिरीश मोरे ने बताया कि यह डवन् वैल्यू चेन एकीकरणए उद्यमिता विकास तथा बकरी आधारित उत्पादों के व्यावसायीकरण को प्रोत्साहित करेगाए जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी । यह समझौता स्थानीय किसानों को अच्छी गुणवत्ता के पशु उपलब्ध कराने में भी सहायक होगाए जिससे बकरी पालन की लाभप्रदता बढ़ेगी ।


दोनों पक्षों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह सहयोग भारत में बकरी पालन क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा तथा किसानों के लिए एक अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत करेगा ।




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