उतरौला बलरामपुर - दुःख हरण नाथ मन्दिर के बगल राम लीला मैदान में हिन्दू समाज की एकता, सामाजिक समरसता और जात- पात की भावना के समू ल उन्मूलन के उद्देश्य से उतरौला में एक विराट हिन्दू सम्मेलन का आयो जन किया गया। यह सम्मेलन 18 जनवरी को नगर के राम लीला मैदान में स्थित भारतीय विद्यालय इण्टर कॉलेज के परिसर में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन के दौरान भारी संख्या में लोगों की सहभागिता रही,और पूरे क्षेत्र में सामाजिक एक जुटता का सन्देश गूंजता रहा।
इस विराट आयोजन में प्रांतीय मंत्री विश्व हिन्दू परिषद के महेश कुमार मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अयोध्या धाम से पधारे मानस किंकर ओम प्रपन्नाचार्य महाराज जी मुख्य अतिथि रहे। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे, भारतीय विद्या लय इण्टर कॉलेज के प्राचार्य कुमेश कुमार सरोज ने की। मुख्य वक्ता प्रांतीय मंत्री विश्व हिन्दू परिषद महेश कुमार ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज आवश्यकता है, कि हिन्दू समाज अपने मूल संस्कारों को पहचाने आपसी मतभेदों को भुलाकर एकजुट हो कर और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखे। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को तोड़ने वाली ताकतों से सावधान रहने की जरूरत है, तथा युवाओं को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति सजग होकर सकारात्मक भूमिका को निभानी चाहिए।इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विभाग प्रचारक प्रवीण कुमार ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की भूमिका पर विस्तार रुप से प्रकाश डालते हुए कहा कि संघ निरन्तर हिन्दू समाज के उत्थान, सामाजिक समरसता, राष्ट्रभक्ति और चरित्र निर्माण के लिए कार्य कर रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि संघ की शाखाओं और सामाजिक अभियानों के माध्यम से समाज में सेवा,अनु शासन और एकता का भाव विकसित किया जा रहा है, जिससे राष्ट्र सशक्त बन सके। मुख्य अतिथि मानस किंकर ओम प्रपन्नाचार्य महाराज ने अपने ओजस्वी सम्बोधन में धर्म, संस्कृति, राष्ट्र और समाज से जुड़े गंभीर एवं विचा रोत्तेजक विषयों पर विस्तार रुप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हिन्दू समाज की वास्तविक शक्ति उसकी एकता और संस्कारों में निहित है। जब तक समाज जात- पात, ऊंच-नीच और आपसी भेदभाव से मुक्त नहीं होगा, तब तक राष्ट्र का सर्वांगीण विकास सम्भव नहीं है। उन्होंने कर्बला, रामायण और भारतीय संस्कृति के उदाहरणों के माध्यम से त्याग, सेवा और समरसता का सन्देश दिया है। सम्मेलन के आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य“पंच परि वर्तन के माध्यम से हिन्दू समाज को जाग्रत करना है। पंच परिवर्तन में स्वभाव, परिवार, समाज,राष्ट्र और प्रकृति के प्रति सकारात्मक सोच विकसित कर समाज में स्थाई और सार्थक बदलाव लाने का संकल्प भी शामिल है। वक्ताओं ने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने का सतत प्रयास है, जिसमें हर वर्ग की सहभागिता आवश्यक है।सम्मेलन के दौरान विशेष रूप से जात-पात की विदाई का सन्देश दिया गया। मंच से स्पष्ट शब्दों में कहा गया, कि “हम सब हिन्दू भाई-भाई हैं” और समाज को बांटने वाली किसी भी मानसिकता को अब त्यागना होगा। यह सन्देश उपस्थित जनसमूह ने तालियों के साथ स्वीकार कियाऔर सामाजिक समरसता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई है। इस सम्मेलन में हजारों की संख्या में महिला पुरुष तथा बच्चों ने सहभागि ता की, जिनमें सन्त- महात्मा, विद्वान वक्ता, समाज के प्रबुद्धजन, युवा एवं विभिन्न सामा जिक संगठनों के प्रति निधि भी शामिल रहे। इस कार्यक्रम का संचा लन सुव्यवस्थित और अनुशासित ढंग सेकिया गया। आगंतुकों एवं श्रद्धालुओं के लिएखाने पीने की समुचित व्यव स्था भी की गई, जिससे आयोजन पूरी तरह से सफल रहा। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं सेवक गोण्डा सहविभाग के कार्य वाहक अमित कुमार, विश्वनाथ गुप्ता, अभिमन्यु फौजी, रमेश गुप्ता, सरोज कुमार, राजेश कुमार गुप्ता, केशरी गुप्ता,आर्यन गुप्ता, प्रदीप कुमार गुप्ता, मयंक गिरी, आलोक कुमार गुप्ता, दीपक कुमार गुप्ता, अभिषेक कुमार गुप्ता, विश्व हिन्दू परिषद के जिला धर्म प्रसार प्रमुख, जिला संयोजक बजरंग दल सुरेश कुमार कश्यप आयुष जयसवाल,शनि कुमार गुप्ता,अजय कुमार पटवा, विनीश कुमार गुप्ता, रिंकू कुमार, महेश कुमार गुप्ता, विकास सैनी, सन्तोष कुमार पटवा, मारुति गुप्ता, हर्षवर्धन सिंह के अलावा भारी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सहित गणमान्य लोग मौजूद रहे। कुल मिलाकर विराट हिन्दू सम्मेलन न केवल एक धार्मिक- सांस्कृतिक आयोजन रहा, बल्कि सामाजिक चेतना, एकता और राष्ट्र बोध को मजबूत करने वाला एक प्रभावशाली मंच साबित हुआ, जिस ने उतरौला क्षेत्र में सामाजिक समरसता और एकजुटता का सशक्त सन्देश दिया।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
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