बलरामपुर- राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद बलरामपुर की विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में तैनात चिकित्सकों एवं समस्त कर्मचारियों के लिए व्यवहार परिवर्तन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में किया गया। यह महत्वपूर्ण कार्यशाला जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के निर्देश पर तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय डॉ. सुमन दत्त गौतम के मार्गदर्शन में संपन्न हुई।
कार्यशाला में स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, लखनऊ से आईं अनुभवी प्रशिक्षिकाएं डॉ. वृंदा फ्रे एवं मीनाक्षी श्री द्वारा प्रतिभागियों को व्यवहार परिवर्तन, प्रभावी संवाद कौशल, मरीजों के प्रति संवेदनशीलता, सहानुभूतिपूर्ण दृष्टिकोण तथा सेवा भावना के महत्व पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षिकाओं ने व्यवहारिक उदाहरणों, संवाद अभ्यास और केस स्टडी के माध्यम से बताया कि सकारात्मक व्यवहार से मरीजों की संतुष्टि बढ़ती है और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार आता है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता सुधार, मरीजों के प्रति मानवीय एवं सम्मानजनक व्यवहार को बढ़ावा देना तथा स्वास्थ्य कर्मियों के संवाद कौशल को सशक्त बनाना रहा। प्रशिक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि मरीजों से मधुर व्यवहार, धैर्यपूर्ण संवाद और संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने से न केवल उपचार प्रक्रिया सरल होती है, बल्कि मरीजों का स्वास्थ्य तंत्र पर विश्वास भी मजबूत होता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिला महिला चिकित्सालय, जिला मेमोरियल चिकित्सालय एवं जिला संयुक्त चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारियों के साथ-साथ फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड बॉय एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाफ ने  प्रतिभाग किया। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सत्रों में सक्रिय सहभागिता करते हुए अपने अनुभव साझा किए और व्यवहार परिवर्तन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी का व्यवहार मरीजों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। यदि सेवा प्रदाता संवेदनशील, सहयोगात्मक एवं सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाते हैं, तो इससे न केवल मरीजों की संतुष्टि बढ़ती है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता भी सुनिश्चित होती है।
    कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय कुमार शुक्ला, डीपीएम शिवेंद्र मणि त्रिपाठी, जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, विनोद त्रिपाठी, रुचि पाण्डेय, अनामिका सिंह, वसीम अहमद, सिद्धार्थ गुप्ता सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला  के समापन अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सभी प्रतिभागियों से आह्वान किया गया कि वे प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान एवं कौशल को अपने दैनिक कार्य व्यवहार में अपनाएं, जिससे जनपद बलरामपुर की स्वास्थ्य सेवाएं अधिक मानवीय, प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बन सकें।

           हिन्दी संवाद न्यूज से
            रिपोर्टर वी. संघर्ष
              बलरामपुर। 

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