औरैया // जिले का रोडवेज डिपो बुनियादी यात्री सुविधाओं के लिए तरस रहा है जनवरी 2025 में डिपो से सटी 6 एकड़ से अधिक की बेसकीमती जमीन कब्जामुक्त कराए जाने के बाद उम्मीद जगी थी कि अब कुछ कायाकल्प होगा लेकिन साल बीतने के बाद भी यहां स्टेशन और शौचालय तक नहीं बन पाए है जिले से रोजाना हजारों यात्रियों को सेवा देने वाले रोडवेज डिपो से लगभग रोज 60 से अधिक बसों का संचालन होता है।
इसके बावजूद यहां न तो बस स्टेशन है न ही पर्याप्त प्रतीक्षालय और न ही शौचालय की सुविधा उपलब्ध है वहीं यात्रियों को मजबूरी में सड़क किनारे खड़ी बसों में चढ़ना पड़ता है जो काफी जोखिम भरा है इससे बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है स्थिति यह है कि डिपो परिसर में यात्रियों के बैठने के लिए बना प्रतीक्षालय बेहद छोटा है जहां महज दो बेंच उपलब्ध हैं दो अन्य टूटी पड़ी हैं सर्दियों में इसी प्रतीक्षालय को रैन बसेरा बना दिया गया इससे दिन में यात्रियों के लिए बैठने की जगह और भी सीमित हो गई बुजुर्गों महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है शौचालय के लिए उन्हें परेशान होना पड़ता है जमीन का इस्तेमाल सिर्फ बसों की पार्किंग तक सीमित रह गया है शौचालय टूटा दूसरा इंतजाम भी नहीं जनवरी 2025 में अतिक्रमण हटाने के दौरान डिपो के पास बना सार्वजनिक शौचालय तोड़ दिया गया था इसके बाद से अब तक नया शौचालय नहीं बन पाया है फिलहाल यात्रियों के लिए केवल यूरिनल की अस्थाई व्यवस्था है जो लंबी दूरी के यात्रियों के लिए नाकाफी साबित हो रही है बस स्टेशन न होने के कारण न सिर्फ यहां की, बल्कि अन्य डिपो की बसें भी सड़क पर खड़ी होती हैं कई बसें सुभाष चौराहे तक खड़ी कर दी जाती हैं इससे जाम की स्थिति पैदा हो जाती है बस अड्डे पर न एनाउंसमेंट सिस्टम है न प्लेटफार्म और न ही यात्रियों के लिए सुरक्षित आवागमन का कोई पुख्ता इंतजाम है।
ब्यूरो रिपोर्ट :- जितेन्द्र कुमार
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