60 फीट गहरे कुएं में उतरकर वीर बालक ने बचाई बंदरिया की जान ।
बाबू कमल वीर शुक्ला की गांव वाले कर रहे भूरि भूरि प्रशंसा 

सीतापुर  - जब दूसरे की मदद करने का दिल में जुनून हो तो उम्र व ताकत महत्व नहीं रखती है सिर्फ साहस ही काम आता है । यह कथन सिद्ध कर दिखाया है पिसावा  ब्लॉक के ग्राम नेरी निवासी  बाबू कमल वीर शुक्ला ने ।  जो महज 11 वर्ष की उम्र में रस्सी के सहारे 60 फीट गहरे कुएं में उतरकर एक बंदर के बच्चे की जान बचाने का सराहनीय कार्य किया है ।  इस कार्य के लिए गांव के निवासियों ने बाबू कमलवीर शुक्ला को धन्यवाद देते हुए  प्रशंसा कर रहे हैं । ज्ञात हो कि एक बंद घर में कुएं के अंदर बंदर का बच्चा गिर गया था तीन-चार दिन से बच्चा  कुएं में पड़ा था  ।  कुएं में पानी नहीं था जिस कारण बंदर का बच्चा तीन-चार दिन बाद भी जीवित रहा । गांव के निवासियों ने जब बंदरिया को कुएं के अंदर गिरा पाया तो उन सभी ने खाने-पीने की चीज कुएं में डाल दी जिससे उसका जीवन बचा रहा लेकिन बंदरों के डर के कारण व गहरे कुएं में कौन घुसे यह सोच करके सब एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे थे । इस बात की जानकारी जब नेरी गांव के समाजसेवी वीरेश शुक्ला को पता चली तो वह अपने साथियों के साथ उस कुएं के  पास पहुंचे । व रस्सा टॉर्च बल्ली का इंतजाम करके उस कुएं से  बंदरिया को निकालने के लिए प्रयास शुरू किया ।  अब कुएं में घुसे कौन कोई घुसने को तैयार नहीं था तब वीरेश  शुक्ला का  छोटा बेटा बाबू कमलवीर शुक्ला ने कहा कि हम बंदरिया को घुसकर के निकाल लेंगे फिर बाल्टी और रस्सी के सहारे 60 फीट गहरे कुएं में 11 वर्षीय बाबू कमल वीर शुक्ला उतर गया व बोरी में बंदरिया को घुसेड कर बाहर निकलवा दिया इस कार्य को जब गांव के  अन्य लोगों को जानकारी हुई तब सभी लोगों ने बाबू कमलवीर शुक्ला की भूरि भूरि प्रशंसा की वह सभी ने आशीर्वाद दिया । बाबू कमल वीर शुक्ला के साहस की चर्�

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