औरैया // नकली खाद के कारोबार में पकड़े गए जालसाज बहुत शातिर निकले ये इफको और इंडोरामा जैसी नामी कंपनियों की बोरियों में रेत भर कर बेच रहे थे नमूनों की जांच में इसका खुलासा हुआ है ककोर स्थित प्लास्टिक सिटी के एक घर में डेढ़ माह पहले नकली DAP खाद की फैक्टरी पकड़ी गई थी कृषि विभाग ने पैक मिलीं इफको और इंडोरामा कंपनी की बोरियों से जांच के लिए DAP के दो नमूने भेजे थे,जांच में दोनों ही नमूनों में शत प्रतिशत रेत मिली फास्फोरस और नाइट्रोजन की मात्रा न के बराबर मिली अब पुलिस विवेचना में इस जांच रिपोर्ट को भी शामिल किया जाएगा जिलाधिकारी इंद्रमणि त्रिपाठी के आदेश पर 12 नवंबर को रात 10 बजे प्लास्टिक सिटी स्थित एक मकान में जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह व अन्य ने छापा मारा था यहां नामी कंपनियों की DAP की बोरियां, सिलाई मशीन और DAP की पैक्ड बोरियां मिली थीं। टीम ने मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार कर 138 बोरी DAP और 113 खाली बोरियां बरामद की थीं। इफको की DAP और इंडोरामा कंपनी की DAP के दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे।

कृषि विभाग और पुलिस दोनों को ही जांच रिपोर्ट का इंतजार था दरअसल रिपोर्ट से ही यह साबित होना था कि आखिर DAP में मिलावट थी या DAP ही नकली थी बीते सप्ताह जांच रिपोर्ट आई तो अफसरों के होश उड़ गए जांच रिपोर्ट के अनुसार DAP में रेत के अलावा और कुछ था ही नहीं इसमें एक प्रतिशत भी नाइट्रोजन और फास्फोरस नही था जब की असली DAP में 18 प्रतिशत नाइट्रोजन और 46 प्रतिशत फास्फोरस होता है।

ये लोग असली DAP का का घोल बनाकर रेत और मिट्टी के ऊपर स्प्रे करते थे जानकारी के मुताबिक इन सभी लोगों ने रेत और मिट्टी से नकली DAP बनाने के लिए प्लानिंग की थी पहले असली DAP को पानी में घोला जाता था इसके बाद इसमें काला रंग मिलाकर इसका स्प्रे रेत और मिट्टी पर किया जाता था इससे रेत और मिट्टी से DAP की तरह फास्फोरस और नाइट्रोजन की गंध आती थी जिससे किसानों को भी इस पर शक नहीं होता था और किसान आसानी से ले जाते थे और नकली DAP ले जाकर आसानी से इन जालसाजों का शिकार हो जाते थे।

रेत और मिट्टी से नकली DAP बनाने की फैक्टरी से कुल 4 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया था। इनमें लुखरपुरा निवासी मकान मालिक प्रीतम सिंह के अलावा कानपुर देहात के झींझक निवासी सौरभ यादव, दिबियापुर के ऊमरसाना निवासी दीपक व मुकेश और याकूबपुर निवासी विपिन शामिल हैं जिला कृषि अधिकारी ने दिबियापुर थाने में सभी के खिलाफ प्राथमिक दर्ज कराई थी पांचों आरोपी अभी जेल में हैं नकली DAP की फैक्टरी तो पकड़ी गई लेकिन जिन किसानों ने यह DAP खरीदी उनकी भरपाई कैसे होगी इसका जवाब किसी के पास नहीं है KVK कृषि वैज्ञानिक डॉ रामपलट ने बताया कि नकली DAP डालने से फसलें अवश्य प्रभावित होंगी है दूसरी तरफ DAP में मिला रेत भूमि को बंजर भी बनाता है आलू और गेहूं की बुवाई के दौरान बीते कई सालों से DAP की किल्लत चल रही है इसी का फायदा उठाकर जालसाजों ने नकली DAP बनाने की फैक्टरी शुरू की थी आरोपियों का एक साथी सहकारी गोदाम के बाहर रहता था यहां DAP मिलने में परेशान किसानों को आसानी से DAP उपलब्ध कराने की बात कहकर फसाता था इसके बाद गोदाम पर फोन कर DAP दे दी जाती थी पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि कहीं आसपास के जिलों में तो इसकी आपूर्ति नहीं हो रही थी इस मामले में जिला कृषि अधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि प्लास्टिक सिटी में पकड़ी गई नकली DAP की फैक्टरी से दो नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे दोनों नमूने नकली पाए गए हैं इनमें एक प्रतिशत भी फास्फोरस और नाइट्रोजन नहीं था पुलिस मामले की विवेचना कर रही है पुलिस को जांच रिपोर्ट भेज दी जाएगी।

ब्यूरो रिपोर्ट :- जितेन्द्र कुमार

Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने