जलालपुर, अम्बेडकर नगर। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्मदिवस पर सुशासन दिवस मनाया जा रहा था, लेकिन ब्लॉक परिसर में व्यवस्था ने सुशासन की पोल खोल दी। गुरुवार दोपहर कंबल वितरण के नाम पर ऐसी अव्यवस्था दिखी कि जरूरतमंद कंबल के बजाय निराश हो जूट का बोरा ले लौटते नजर आए।
कंबल लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे, मगर गिनती कागजों में पूरी थी, ज़मीनी हकीकत में नहीं। कंबलों की कमी के चलते करीब आधे पात्र लाभार्थियों को खाली हाथ रहना पड़ा। कंबल नहीं मिला तो कंबल की आशा लिए पहुंची महिलाओं ने ठंड से बचने का देसी जुगाड़ निकाला और ब्लॉक परिसर में गौवंशों के लिए रखे गए जूट के बोरे ही उठाकर ले जाते दिखी। जूट के बोरे के लिए भी छीना झपटी शुरू होने पर उपस्थित कर्मचारी मौन सहमति देेते नजर आये।
यह नज़ारा देखकर मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी और भाजपा नेता भी असहज और हैरान नजर आए। कुछ देर के लिए ब्लॉक परिसर में अफरा-तफरी मच गई, वहीं सुशासन दिवस पर अव्यवस्था की यह तस्वीर चर्चा का विषय बन गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर सूची और संसाधनों का मिलान पहले कर लिया जाता, तो सुशासन दिवस को इस तरह “जुगाड़ दिवस” में तब्दील न होना पड़ता। लोगों ने पूरे मामले को प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बताया।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी जलालपुर ने पल्ला झाड़ते हुए बताया कि कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन तहसील प्रशासन की ओर से किया गया था। वहीं, तहसील प्रशासन से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक उनकी ओर से कोई स्पष्टीकरण सामने नहीं आ सका।
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| Jeevan_Prakash |





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