उतरौला बलरामपुर - दिसम्बर का महीना चल रहा है,और बीते कुछ दिनों से क्षेत्र में ठंड का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। सुबह और शाम घना कोहरा तथा गलन लोगों के दैनिक जीवन को बुरी तरह से प्रभावित कर रहा है। तापमान में लगातार गिरावट के कारण सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों,बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों को झेलनी पड़ रही है। ठंड के इसबढ़ते असर को देखते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उतरौला के अधीक्षक डॉक्टर चन्द्र प्रकाश सिंह ने आमजन को सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी है।
डॉक्टर चन्द्र प्रकाशसिंह ने बताया कि शीतलहर के दौरान शरीर का ताप मान तेजी से गिरसकता है, जिससे सर्दी- जुकाम खांसी, बुखार,सांस की दिक्कत, जोड़ों में दर्द और हाइपोथर्मिया जैसी गम्भीर समस्याएं उत्पन्न भी हो सकती हैं।उन्हों ने यह भी कहा कि विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों में रोग प्रति रोधक क्षमता कमजोर होने के कारण ठंड का असर जल्दी दिखाई देता है, इसलिए इन वर्गों की विशेष देख भाल बहुत ही जरूरी है।उन्होंने सभी को सलाह दी, कि ठंड के मौसम में यथा सम्भव घर के अन्दर रहें और अनावश्यक रूप से सुबह तड़के या देर शाम बाहर निकलने से बचें। बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढकने वाले गर्म कपड़े को पहनें सिर, कान, गर्दन, हाथ और पैरों को ढक्कर रखना बेहद ही जरूरी है, क्योंकि इन्हीं हिस्सों से शरीर की गर्मी सबसे ज्यादा बाहर निकलती है। ऊनी टोपी,मफलर, दस्ताने और गर्म जूते का उपयोग अवश्य करें।
डॉक्टर सिंह ने बताया कि खानपान पर विशेष ध्यान देने की बात कह ते हुए उन्होंने बताया कि ठंड में शरीर को अधिक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। ऐसे में पौष्टिक एवं सन्तुलित आहार लें। हरी सब्जियां,मौसमी फल, विशेषकर विटा मिन-सी युक्त फल जैसे आंवला, संतरा, नींबू का सेवन जरूर करें। गुनगुना पानी, चाय, सूप और अन्य गर्म तरल पदार्थ पीते रहें, जिससे शरीर का ताप मान सन्तुलित बना रहे।
उन्होंने यह भी कहा कि त्वचा को ठंड से बचाने के लिए नियमित रूप से तेल यामॉइस्चराइजर का प्रयोग करें, ताकि त्वचा रूखी न हो। गीले कपड़ों में न रहें,और पसीना आने पर तुरन्त कपड़े बदल लें। छोटे बच्चों को सुबह बहुत जल्दी स्कूल भेजने से बचें और उन्हें पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाकर ही बाहर भेजें, हाइपोथर्मि या को लेकर डॉक्टर चन्द्र प्रकाश सिंह ने गम्भीर चेतावनी देते हुए बताया कि अत्यधिक ठंड में शरीर कातापमान सामान्य से बहुत नीचे चला जाना खतर नाक हो सकता है। इसके लक्षणों में अत्यधिक कंपकंपी, बोलने में कठिनाई, सुस्ती, भ्रम की स्थिति और सांस लेने में परेशानी शामिल हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर मरीज को तुरन्त गर्म स्थान पर ले जाएं, गर्म कपड़ों या कम्बल से उसे ढकें और बिना देरी किए चिकित्सक से सम्पर्क भी करें। अन्त में उन्होंने आमजन से अपील करते हुए कहा कि ठंड के मौसम में अफवाहों से बचें, स्वयं सतर्क रहें, और परिवार के बुजुर्गों, बच्चों व बीमार सदस्यों का विशेष ध्यान रखें। किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर नजदी की स्वास्थ्य केन्द्र या सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र उतरौला से सम्प र्क कर उपचार प्राप्त करें। ठंड से बचाव ही इस मौसम में सबसे बड़ा बचाव है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know