जलालपुर, अम्बेडकर नगर।

नगर पालिका परिषद जलालपुर की बोर्ड बैठक हंगामे, आरोपों और तीखी बहसों से तो भरपूर रही, लेकिन नतीजा निकलकर आया बेहद ठंडा। जनहित से जुड़े बड़े मुद्दों पर लंबी चर्चाओं के बाद भी बैठक का हासिल सिर्फ अलाव जलाने और कंबल बांटने तक ही सिमट कर रह गया।


मुद्दों की गूंज लेकिन काम नहीं..

बैठक में सभासदों ने नगर की जमीनी समस्याओं को पूरी मुखरता से उठाया। अलाव के लिए घटिया कच्ची लकड़ियों की आपूर्ति, निर्माण कार्यों में खुलेआम भ्रष्टाचार, मरम्मत के नाम पर चल रही लूट, रैन बसेरा के प्रचार-प्रसार की बदहाली जैसे गंभीर मुद्दों पर आवाज तो बुलंद हुई, लेकिन फैसलों की मेज तक पहुंचते-पहुंचते ये सारे सवाल फिर से फाइलों के हवाले कर दिए गए।


 शहरी गरीबों के लिए कंबल वितरण

नगर पालिका परिषद ने कंबल वितरण का प्रस्ताव जरूर पारित किया। बताया गया कि जनपद से 700 कंबल प्राप्त हुए हैं, जबकि अतिरिक्त 700 कंबल नगर पालिका अपने स्तर पर खरीद कर शहरी गरीबों में वितरित करेगी। सवाल यह है कि ठंड से ज्यादा परेशानी झेल रहे नगरवासी कब तक केवल कंबलों से ही बहलाए जाते रहेंगे।

 

सवाल फिर से फाइलों में कैद!

हंगामेदार बैठक में इसके अलावा कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका। जनहित के नाम पर उम्मीदें लेकर पहुंचे सभासद और जनता, दोनों को ही एक बार फिर खाली हाथ लौटना पड़ा।


 इनकी रही उपस्थिति, लेकिन जवाबदेही किसकी?

बैठक के दौरान नगर पालिका परिषद अध्यक्ष फरजाना खातून, अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार, वरिष्ठ लिपिक राम प्रकाश पांडे सहित सभासद अनुज सोनकर, आशीष सोनी, देवेश मिश्रा, बेचन पाण्डेय, इसरार अहमद, अजीत निषाद तथा प्रतिनिधि रमेश मौर्य मौजूद रहे। मौजूदगी तो पूरी रही, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है कि जवाबदेही कब नजर आएगी।


Author 

Jeevan_Prakash


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