उतरौला बलरामपुर- आज़ादी के 78 वां वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर में कई मूल भूत सुविधाओं से वंचित है। नगर की बड़ी आबादी और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पहचान होने के बावजूद यहाँ पर अब तक बच्चों के लिए खेलने का मैदान और आमजनों के लिए पार्क की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी है। नगर के लोग लम्बे समय से इस कमी को महसूस कर रहे हैं। सुबह के समय अक्सर देखा जाता है किबुजुर्ग, महिलाएँ और बच्चे सड़कों पर टहलने को मजबूर होते हैं। इससे न केवल आवागमन बाधित होता है,बल्कि किसी भी समय दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।आए दिन छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं की खबरें आती रहती हैं,जिनमें से कई सुबह के समय भी होती रहती हैं। इसके बावजूद भी नगर प्रशा सन ने इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उतरौला जैसे बड़े कस्बे में एक व्यवस्थित पार्क और खेल कूद का मैदान, न होना नगर की सब से बड़ी विडंबना बनीं हुईं है। बच्चे घरों और गलियों तक सीमित होकर रह जाते हैं, जब कि बुजुर्ग और महिलाएँ सुबह की ताज़ी हवा और व्यायाम के लिए सुरक्षित जगह तलाशते रहते हैं। नगर के स्थानीय युवा व समाज सेवी डाक्टर नजर मोहम्मद खां ने इस गम्भीर समस्या को उठाते हुए नगरपालिका प्रशासन से शीघ्र पहल की करने की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा कि उतरौला बाजार में एक सुन्दर सा पार्कऔर बच्चों के खेलने का मैदान विकसित किया जाना चाहिए, ताकि बच्चे स्वतंत्र रूप से खेल कूद सकें, और बड़े बुजुर्ग सुरक्षित वातावरण में सुबह- शाम की सैर का आनन्द ले सकें। नगर के शिक्षा विदों देवता प्रसाद तिवा री और सामाजिक कार्य कर्ताओं का भी कहना है, कि यदि नगर मेंपार्क और खेल कूद के मैदान की सुविधा उपलब्ध कराई जाए तो इससे न केवल स्वास्थ्य का लाभ मिलेगा बल्कि बच्चों की खेल प्रतिभा भी निखरे गी, और बुजुर्गों को शांति व सुकून की जगह भी मिलेगी।
स्पष्ट है, कि उतरौला बाजार में पार्क और खेल मैदान की आवश्य कता समय की माँग बन चुकी है। यदि प्रशासन शीघ्र कदम उठाता है तो यह न केवल नगर के विकास की दिशा में ही एक सार्थक प्रयास होगा, बल्कि आमजनों को भी राहत मिलेगी, इस मुद्दे को लेकर नगर वासियों ने अब नगर पालिका परिषद से ठोस कार्यवाही करने की अपेक्षा कर रहे हैं।
हिन्दी संवाद न्यूज से
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उतरौला बलरामपुर।
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