कर्नलगंज कस्बे के सामुदायिक शौंचालय में 10-10 रुपये की अवैध वसूली,जिम्मेदार मौन
बिना रसीद के अवैध शुल्क वसूली,अवैध वसूलीकर्ता को प्रशासन का नहीं है डर

कर्नलगंज,गोंडा। तहसील मुख्यालय स्थित कर्नलगंज नगर पालिका परिषद के सामुदायिक शौंचालय में अवैध वसूली का मामला सामने आया है,जहां प्रत्येक व्यक्ति से बिना किसी रसीद के 10-10 रुपये वसूल किए जा रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया स्थानीय प्रशासन और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का प्रतीक बन गई है,क्योंकि उन्हें इस अवैध वसूली की जानकारी होने के बावजूद वे इस पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं। यह घटना कर्नलगंज तहसील के सामने स्थित सामुदायिक शौंचालय की है, जहां दिन-प्रतिदिन शौंचालय का उपयोग करने वाले नागरिकों से बिना किसी वैध कारण और रसीद के शुल्क लिया जा रहा है। शौंचालय के संचालन व इसकी जिम्मेदारी और रख-रखाव को लेकर किसी भी प्रकार का कोई स्पष्ट प्रबंधन नहीं किया गया है। सामुदायिक शौंचालय में रोजाना बड़ी संख्या में लोग आते हैं, लेकिन इनसे शुल्क वसूली के नाम पर 10 रुपये प्रति व्यक्ति की अवैध वसूली की जा रही है। इस शुल्क को वसूलने वाले कर्मचारी न तो कोई रसीद देते हैं और न ही शुल्क के लिए कोई वैध आधार प्रस्तुत करते हैं। यह पूरी वसूली केवल कर्मचारी की स्वेच्छा पर आधारित है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह वसूली एक लंबे समय से जारी है, लेकिन किसी भी स्तर पर प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। नागरिकों का कहना है कि वे शौंचालय का उपयोग करने के लिए मजबूरी में 10 रुपये देते हैं, क्योंकि उन्हें डर है कि यदि उन्होंने भुगतान नहीं किया तो उन्हें शौंचालय का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यही नहीं,अवैध वसूली करने वालों का मनोबल इतना बढ़ चुका है कि वे किसी भी प्रकार के प्रशासनिक कार्रवाई से नहीं डरते हैं और अपने काम में पूरी तरह से दबंगई का प्रदर्शन करते हैं। सामुदायिक शौंचालय के कर्मचारियों का कहना है कि यह शुल्क नगर पालिका की ओर से तय किया गया है,लेकिन जब उनसे इस शुल्क की वैधता और रसीद देने के बारे में पूछा जाता है, तो वे चुप्पी साध लेते हैं और किसी प्रकार की जवाबदेही से बचने की कोशिश करते हैं। इस पूरे मामले पर जब स्थानीय प्रशासन से सवाल किए गए, तो उनका कहना था कि उन्हें इस मुद्दे की जानकारी नहीं है और वे जल्द ही इस पर कार्रवाई करेंगे। लेकिन यह सवाल उठता है कि अगर प्रशासन को इस अवैध वसूली की जानकारी नहीं है, तो क्या यह लापरवाही और उनकी जिम्मेदारी की नाकामी नहीं है? स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रशासन और नगर पालिका के अधिकारी इस मामले पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करते हैं, तो वे मजबूर होकर विरोध प्रदर्शन करने पर विचार करेंगे। उनका कहना है कि इस प्रकार की अवैध वसूली से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है,बल्कि इससे समाज में प्रशासन और सरकारी व्यवस्था के प्रति विश्वास भी कमजोर हो रहा है। समाज में शौचालय जैसी आवश्यक सेवा का उपयोग करने के बदले अवैध वसूली करना न केवल एक अपराध है,बल्कि यह सरकारी सिस्टम और आम जनता के बीच भरोसा भी कमजोर करता है। प्रशासन को इस मामले में तुरंत और प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की अवैध वसूली पर रोक लग सके और नागरिकों को उनके अधिकारों का उल्लंघन होने से बचाया जा सके।

एम पी मौर्य
कर्नलगंज
गोंडा

Post a Comment

If you have any doubts, please let me know

और नया पुराने