राजकुमार गुप्ता 
वृन्दावन।परिक्रमा मार्ग स्थित सुखधाम आश्रम में गुरु पूर्णिमा के पावन उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग एवं भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान,नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में त्रिदिवसीय श्रीमद्भगवद्गीता ज्ञान-विज्ञान महायज्ञ एवं मंथन, चिंतन व संवाद कार्यशाला का शुभारंभ
पीपाद्वाराचार्य जगद्गुरु बाबा बलराम दास देवाचार्य महाराज ने ठाकुरजी के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित करके किया।
पीपाद्वाराचार्य जगद्गुरु बाबा बलरामदास देवाचार्य महाराज ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता भगवान श्रीकृष्ण के मुझ से निकली वाणी है। इसीलिए इस ग्रंथ में हमारे देश व समाज की प्रत्येक समस्या का समाधान है।
भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष पंडित रामकृष्ण गोस्वामी एवं पूर्व डी.आई.जी. जेल(राजस्थान) सुरेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि गुरु पूर्णिमा महोत्सव हमारी वैदिक सनातन संस्कृति का प्रमुख पर्व है।इसलिए इस पर्व पर हमें सत्कर्म करने का संकल्प लेना चाहिए।
ब्रजभूमि कल्याण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ एवं ब्रज सेवा संस्थान के अध्यक्ष डॉ. गोपाल चतुर्वेदी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता में ज्ञान का अथाह भंडार है।इस ग्रंथ को हमें अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।तभी हमारा कल्याण हो सकता है।
जोधपुर उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेंद्र सिंह राजपुरोहित एवं भारतीय चरित्र निर्माण संस्थान के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष कपिलानंद चतुर्वेदी ने कहा कि भारत सरकार से हमारी यह मांग है,की वो भगवान श्रीकृष्ण के द्वारा कही गई श्रीमद्भगवद्गीता को शीघ्रातिशीघ्र राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करे।
कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार अशोक अज्ञ, प्रदीप जैन (दिल्ली),पंडित लक्ष्मीकांत कौशिक, डॉ. राधाकांत शर्मा, बालकिशन शर्मा (बालो पंडित) आदि की उपस्थिति विशेष रही।

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