जौनपुर। महाविद्यालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई
      
जौनपुर। महाविद्यालय में सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ.विनय कुमार सिंह ने की, मुख्य अतिथि के रूप में अंग्रेजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर वंदना दुबे रहीं, मुख्य वक्ता प्रोफेसर अजय दुबे रहे, विशिष्ट वक्ता के रूप में समाजशास्त्र विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरिओम त्रिपाठी रहे, कार्यक्रम का संयोजन मनोविज्ञान की एसो. प्रोफेसर डॉ.माया सिंह ने किया।
          
कार्यक्रम में डॉ. वेद प्रकाश सिंह ने कहा कि सरदार वल्लभ भाई पटेल का जीवन बहुत ही सरल और सहज था जो वर्तमान समाज में प्रेरणा स्त्रोत है,राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मनोज सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय एकता अखंडता को बनाए रखने में सरदार पटेल जी का जीवन बहुत ही अविस्मरणीय है। कार्यक्रम में बोलते हुए कार्यक्रम की मुख्य अतिथि वंदना दुबे ने ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल जी का व्यक्तित्व बहुत ही विराट एवं विशाल था,उनकी दूरदर्शिता आज के समाज मे राष्ट्रवाद के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। सरदार बल्लभ भाई पटेल पूर्ण स्वराज का लक्ष्य करके कार्य किया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता B.Ed विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय दुबे ने सरदार वल्लभ भाई पटेल के जीवन से जुड़े प्रसंगों को छात्रों के वर्तमान जीवन से जोड़ते हुए उन्हें कर्तव्य निष्ठा से अध्ययन कार्य करने के लिए प्रेरित किया, कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता समाजशास्त्र के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.हरिओम त्रिपाठी ने कहा कि एकता दिवस 2014 मे केंद्र सरकार द्वारा तय किया गया, जो एक महत्वपूर्ण तिथि है, जिसके द्वारा हम अपने देश के महान शिल्पकार सरदार वल्लभभाई पटेल को याद कर रहे हैं। सरदार वल्लभ भाई पटेल का व्यक्तित्व बहुत ही सरल और सहज था। सुख दुख में समान रहने वाले व्यक्ति थे। खेड़ा संघर्ष हो या स्वतंत्रता आंदोलन हो या किसान आंदोलन किसी भी आंदोलन में वह अपने धैर्य के साथ अपने नेतृत्व को आगे बढ़ाया। डॉ.हरिओम त्रिपाठी ने कहा कि सरदार पटेल गांधीजी के अहिंसा वादी विचारधारा से प्रभावित थे, इसलिए उन्होंने स्वतंत्रा आंदोलन, असहयोग आंदोलन, स्वराज आंदोलन, दांडी यात्रा, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे सभी आंदोलनों में सरदार पटेल की भूमिका अहम रही। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के उप प्राचार्य डॉ. विनय कुमार सिंह ने कराची अधिवेशन में सरदार पटेल की भूमिका मूलभूत राजनीतिक अधिकारों से जुड़े स्मृतियो पर विस्तृत रूप से चर्चा की, कार्यक्रम की मुख्य संयोजिका मनोविज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ माया सिंह ने कहा कि डॉक्टर सरदार बल्लभ भाई पटेल मजदूरों किसानों एवं समाज के हर व्यक्तियों के लिए चिंता करने वाले व्यक्ति थे। सरदार बल्लभ भाई पटेल पूर्ण स्वराज्य प्राप्त करने के लिए भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव की वीरता और बलिदान की प्रशंसा की थी। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुषमा सिंह ने बड़े ही कुशल नेतृत्व के रूप में किया। कार्यक्रम में डॉक्टर गीता सिंह, डॉ जे पी सिंह डॉक्टर सुदेश सिंह डॉक्टर नरेंद्र देव पाठक डॉ. लालचंद यादव, चंद्र प्रकाश गिरी, आशुतोष उपाध्याय एवं छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।

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