मर्जापुर। मकर संक्रांति पर विभिन्न गंगा घाटों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। लेकिन मंगलवार तक गंगा घाटों पर प्रशासन की ओर से तैयारियां नजर नहीं आईं। 14 जनवरी को भोर से ही घाटों पर स्नानार्थियों की भीड़ जुटनी शुरू हो जाएगी।
आलम यह कि गंगा घाट की ओर जाने वाले विभिन्न मार्गों सहित गंगा घाटो पर गंदगी है। अधिकतर घाटों के अगल-बगल गंदगी है। अधिकतर गंगा घाटों पर महिलाओं के लिए वस्त्र बदलने का इंतजाम नहीं है। इससे महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। यही नहीं बरसात के दिनों में गंगा में आई बाढ़ के बाद से घाटों पर सिल्ट सफाई नहीं कराई गई। इससे घाटों के सीढ़ियों पर फिसलन बनी हुई है।
नगर के बरियाघाट सहित सड़क की पटरियों पर जहां तहां गंदगी फैली हुई है। जानवरों के झुंड के साथ यहां हर समय सड़क की पटरियों पर चार पहिया वाहनों का मेला लगा रहता है। श्रीपंचमुखी महादेव मंदिर से लेकर गंगाघाट तक कूड़े के अंबार के साथ ही गोबर से सड़क की पटरियां पटी हैं। इससे स्नानार्थियों को मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। नगर के त्रिमोहानी स्थित पक्काघाट पर अव्यवस्थाओं का बोलबाला है। बरसात व गंगा में आई बाढ़ के बावजूद सीढ़ियों पर जमी सिल्ट आज तक नहीं हटाई गई। इससे सीढ़ियों पर फिसलन बनी हुई है।
विंध्याचल। विंध्याचल धाम के घाटों सहित सड़कों व गलियों साफ सफाई को लेकर नगर पालिका प्रशासन बेपरहवा बना हुआ है।
गंगा घाटों की ओर जाने वाले मार्ग सहित गंगा घाटों पर चारों तरफ कूड़ा- करकट व गंदगी के अंबार है। दीवान घाट, इमली घाट, अखाड़ा घाट और गोदारा घाट पर गंदगी पसरी है। पक्का घाट पर महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए बने स्थान गंदगी से पटे हुए हैं। शाम ढलते ही गंगा घाटों पर चारों तरफ अंधेरा पसर जाता है। घाटों पर चोर, उचक्के भी सक्रिय हो जाते हैं। सुरक्षा के लिए भी पुलिस की कोई सुरक्षा की रूपरेखा सामने नहीं आई।

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