हसीब खान की मेहनत और डोर-टू-डोर जनसंपर्क
रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए हसीब खान ने पिछले कई दिनों से अपनी पूरी ताकत झोंक रखी थी। उतरौला से लेकर पूर्वांचल के विभिन्न जिलों तक उन्होंने खुद जमीनी स्तर पर उतरकर 'डोर-टू-डोर' मुलाकातें कीं और लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया। उन्होंने आम जनता से 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के नारे के साथ जुड़ने की अपील की, जिसका सीधा असर रामलीला मैदान में हजारों की संख्या में पहुंचे कार्यकर्ताओं और समर्थकों के रूप में दिखाई दिया। हसीब खान और उनकी टीम महारैली से एक दिन पहले ही दिल्ली पहुंचकर सभी तैयारियों और व्यवस्थाओं की कमान संभाल चुकी थी।
अस्वस्थता के बावजूद प्रतिबद्धता: फिरोज खान ने संभाला मोर्चा
इस पूरी मुहिम के दौरान हसीब खान की राजनीतिक प्रतिबद्धता की मिसाल भी सामने आई। पिछले कई दिनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था, फिर भी वे लगातार संगठन और जनसंपर्क के कार्यों में डटे रहे। महारैली के दिन तबीयत अधिक बिगड़ने के बावजूद आंदोलन का उत्साह कम नहीं हुआ।
हसीब खान के दिशा-निर्देशन में उतरौला के युवा एवं तेजतर्रार नेता फिरोज खान ने मोर्चे की कमान संभाली। फिरोज खान ने हजारों समर्थकों के साथ रामलीला मैदान में उतरौला की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई और महारैली में स्थानीय मुद्दों व जनता की आवाज को मजबूती से राष्ट्रीय पटल पर रखा।
महारैली के मुख्य मुद्दे और दिग्गज नेताओं का हुंकार
रामलीला मैदान में आयोजित इस महारैली में INDIA गठबंधन के प्रमुख नेताओं—अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव, मल्लिकार्जुन खरगे और नेहा बोरा समेत विपक्ष के कई दिग्गजों ने मंच साझा किया। महारैली के दौरान:
- चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और कथित वोट चोरी के मुद्दों पर तीखा हमला बोला गया।
- मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रमुखता से उठाया गया।
- लोकतंत्र और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया गया।
पूर्वांचल की राजनीति पर पड़ेगा असर?
यद्यपि हसीब खान स्वास्थ्य कारणों से मैदान में पूरी तरह सक्रिय नहीं रह सके, लेकिन उनके द्वारा तैयार की गई रणनीति और उतरौला से पहुंची समर्थकों की भारी भीड़ ने उनकी राजनीतिक पकड़ का स्पष्ट संदेश दे दिया है।अब राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि दिल्ली के रामलीला मैदान से उठी यह आवाज आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश और विशेष रूप से पूर्वांचल की राजनीति में क्या बड़ा फेरबदल लाएगी। फिलहाल, हसीब खान और फिरोज खान की अगुवाई में उतरी इस टीम ने यह साबित कर दिया है कि उतरौला की आवाज को राष्ट्रीय स्तर पर बुलंद करने का सिलसिला अब रुकने वाला नहीं है।
हिन्दी संवाद न्यूज से असगर अली की खबर उतरौला बलरामपुर।
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