उतरौला बलरामपुर - तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत जिगनी में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर राशन वितरण में गम्भीर अनियमितताओं के चलते यह मामला सामने आया है। कि अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न नहीं देने तथा सरकारी राशन की काला बाजारी किए जाने के आरोप में उचित दर विक्रेता प्रदीप कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच में 68.42 क्विंट ल गेहूं और 130 क्विं टल चावल का हिसाब नहीं मिलने कामामला सामने आया है। कुल मिलाकर 198.42 क्विंटल खाद्यान्न के सम्बन्ध में अनियमित ता पाए जाने के बाद प्रशासन ने कार्यवाही की है। पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर 23 अक्टूबर 2026 को सादुल्लाह नगर थाने में आवश्यक वस्तु अधिनियम,1955 की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की शुरुआत आई जी आरएस पोर्टल पर ग्रामीणों की ओर से दर्ज कराई गई शिका यत से हुई हैशिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि कोटेदार ई-पॉस मशीन पर कार्ड धारकों का अंगूठा लगवा लेता था, लेकिन उन्हें निर्धा रित समय पर राशन उपलब्ध नहीं कराता था। कुछ कार्ड धारकों ने राशन वितरण में एक से दो किलोग्राम तक की कटौती किए जाने की भी शिकायत की थी। शिकायत को गम्भीरता से लेते हुए आपूर्ति विभाग ने मामले की जांच शुरू की, जिसमें खाद्यान्न वितरण से सम्बन्धित कई अनियमितताएं सामने आईं। प्राप्त जांच विवरण के अनु सार विकास खण्ड रेहरा बाजार के पूर्ति निरीक्षक ने एक अक्टूबर 2026 को ग्राम पंचायत जिगनी पहुंचकर मामले की जांच की। जांच के दौरान उचित दर विक्रेता प्रदीप कुमार दुकान पर मौजूद नहीं रहे। दुकान बन्द थी और उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ बताया गया। इसके बाद जांच अधिकारी ने गांव के कुल 87 कार्ड धारकों और उनके परिजनों के बयान भी दर्ज किए गए।बयान के दौरान ग्रामीणों ने राशन वितरण में गड़बड़ी, निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न मिलने और ई-पॉस मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद राशन नहीं दिए जाने जैसी शिका यतें कीं गई है। जांच में यह भी सामनेआया कि अगस्त 2026 में कई कार्ड धारकों से मशीन पर अंगूठा लग वाया गया, लेकिन उन्हें राशन नहीं मिला। जिन लोगों को खाद्यान्न दिया गया, उनमें से कुछ को निर्धारित मात्रा से कम राशन मिलने की बात भी सामने आई है।
जांच में अंत्योदय कार्ड धारकों को चीनी वितरण में भी गड़बड़ी किए जाने की शिका यत मिली। आरोप है कि पात्र कार्ड धारकों को निर्धारित तीन किलो ग्राम चीनी के स्थान पर केवल दो किलो ग्राम चीनी दी जाती थी। इसके साथ ही निर्धारित मूल्य से 50 रुपये अधिक वसू लने की शिकायत भी दर्ज की गई। राशन वितरण से सम्बन्धित रसीद तत्कालउपलब्ध नहीं कराने की बात भी जांच में सामने आई। इसके अलावा उचित दर की दुकान पर आवश्यकसूचनाएं प्रदर्शित नहीं थीं। दुकान के सामनेसाइन बोर्ड, स्टॉक बोर्ड, टोल-फ्री नम्बर और मूल्य सूची उपलब्ध नहीं होने की बात जांच रिपोर्ट में दर्ज किए जाने का उल्लेख है। ग्रामीणों नेकोटेदार के व्यवहार को लेकर भी शिकायत की गई।
जांच में सामने आई अनियमितताओं के बाद जिलाधिकारी, बलरामपुर के आदेश पर 13 अक्टूबर 20 26 को प्रदीप कुमार की उचित दर दुकान का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया। प्रशा सन की ओर से यह व्यवस्था भी की गई कि जिगनी के कार्ड धारकों को राशन प्राप्त करने में परेशा नी न हो। इसके लिए दुकान से सम्बन्धित खाद्यान्न वितरण की जिम्मेदारी निकटवर्ती ग्राम पंचायत मनुवाग के उचित दर विक्रेता बलवीर को सौंप दी गई है।नियमानुसार, निलंबित दुकान में उपलब्ध शेष खाद्यान्न का हस्तांतरण नए विक्रेता को दियाजाना था, ताकि पात्र लाभा र्थियों को नियमित रूप से राशन उपलब्ध कराया जा सके, लेकिन जांच के दौरान खाद्यान्न के हस्तांतरण में भी बड़ी अनियमित ता सामने आई।जांच विवरण के अनुसार, प्रदीप कुमार के पास कुल 90.92 क्विंटल गेहूं और 136क्विंटल चावल का खाद्यान्न दर्ज था। इसमें से नए विक्रेता बलवीर को केवल 22.50क्विंटल गेहूं और छः क्विंटल चावल ही हस्तांतरित किया गया।इस प्रकार शेष 68.42 क्विंटल गेहूं और 130 क्विंट ल चावल का हिसाब नहीं मिल सका। कुल 198.42 क्विंटल खाद्यान्न के सम्बन्ध में सामने आई इसअनिय मितता ने मामले को गम्भीर बना दिया। जांच में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदीप कुमार ने लिखित बयान में उसके पास खाद्यान्न उपलब्ध नहीं होने की बात कही थी।खाद्यान्न की इतनी बड़ी मात्रा का हिसाब नहींमिलने के बाद सरकारीराशन के गबन और काला बाजारी की आशंका को लेकर कार्यवाही की गई। हालांकि, खाद्यान्न को खुले बाजार में बेचने और उससे लाभ कमाने का आरोप प्राथमिकी एवं जांच के निष्कर्षों के आधार पर है। इस की अन्तिम पुष्टि पुलिस की विवेचना और सम्बन्धित साक्ष्यों से होगी। मामले में उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वित रण नियंत्रण का विनि यमन) आदेश, 2016 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम,1955 के प्रावधानों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी से अनुमति प्राप्त होने के बाद पूर्ति निरीक्षक मनमथ नाथ गुप्ता की तहरीर पर 23 अक्टू बर 2026 को थाना सादुल्लाह नगर में प्राथमिकी संख्या 00 59/2026 दर्ज की गई। पुलिस ने ग्राम पंचायत जिगनी के निवासी प्रदीप कुमार, पुत्र हरीलाल, के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज कर विधिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। इन प्रावधानों के तहत मामले में आगे की कार्यवाही जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी
सार्वजनिक वितरण प्रणाली का उद्देश्य जरूरत मंद परिवारों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। ऐसे में ई- पॉस मशीन परअंगूठा लगवाने के बाद राशन नहीं देना, निर्धारित मात्रा से कम खाद्यान्न उपलब्ध कराना और स्टॉक का हिसाब नहीं देना जैसी शिकायतें सीधे पात्र लाभार्थियों के अधिकारों से ही जुड़ी हैं। ग्राम पंचायत जिगनी प्रकरण में सामने आए तथ्यों ने राशन वितरण व्यव स्था की निगरानी और पारदर्शिता को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब पुलिस विवेचना में यह स्पष्ट होना बाकी है कि खाद्यान्न की कमी के लिएकौन कौन जिम्मेदार है और सरकारी राशन के कथित गबन तथा काला बाजारी के आरोपों की पुष्टि किन साक्ष्यों से होती है। प्रशासनिक कार्यवाही और प्राथमिकी दर्ज होने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और पात्र कार्ड धारकों को उन का पूरा राशन सुनिश्चित समय पर ही कराया जाएगा।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know