*वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को गति देने में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की भूमिका बढ़ाएं: मंत्री श्री ए के शर्मा*


*उत्तर प्रदेश के नगरों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने की कार्य योजना बनाएं : मंत्री श्री ए के शर्मा*


*ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और मूल्य संवर्धन की संभावनाएं तलाशें, तकनीकी बाधाएं दूर करें: नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री*


*प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग निभाएंगे अहम भूमिका:मंत्री श्री ए के शर्मा*


लखनऊ,15 अक्टूबर, 2026


नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य को गति देने के लिए नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग की भूमिका और योगदान को और अधिक प्रभावी बनाने के दृष्टिगत संगम सभागार (लखनऊ) में एक समीक्षा बैठक की। उन्होंने दोनों विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभागीय योजनाओं,परियोजनाओं और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि हमें इस दृष्टिकोण के साथ तेजी से काम करना होगा कि उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने में नगर विकास एवं ऊर्जा विभाग का योगदान किस प्रकार और अधिक बढ़ाया जा सकता है।


नगर विकास विभाग की समीक्षा के दौरान प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि प्रदेश के नगर निगमों और नगरीय निकायों के राजस्व में निरंतर वृद्धि हो रही है। साथ ही, विभिन्न विकास परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए कार्यों में तेजी लाई जा रही है। इस पर मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि नगरीय निकायों की आय बढ़ाने के साथ ही विकास परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करना आवश्यक है, ताकि शहरों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।


इस अवसर पर मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश के नगरों को वैश्विक नगरों की श्रेणी में पहुंचाने के लिए व्यापक दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। दुनिया के विकसित और आधुनिक नगर किन मानकों, व्यवस्थाओं और कार्यप्रणालियों के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं, इसका अध्ययन किया जाए। उन प्रमुख मानकों की पहचान करते हुए उत्तर प्रदेश के नगरों में भी उन्हें लागू करने की दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।इसके साथ ही मंत्री श्री शर्मा ने ई-नगर सेवा योजना को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप पुनर्गठित (रीस्ट्रक्चर) करने और इसे अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया।उन्होंने कहा कि नगरीय सेवाओं में सुधार, निकायों के राजस्व में वृद्धि और विकास परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सकती है।


ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान प्रस्तुतीकरण में बताया गया कि पीएम सूर्य घर योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर संयंत्रों की स्थापना की गति दोगुनी हुई है। इसके साथ ही प्रदेश में बायो एनर्जी और कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य किया जा रहा है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) द्वारा विद्युत बिक्री के माध्यम से भी आय अर्जित की जा रही है।


मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने ऊर्जा क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का अधिकतम लाभ उठाने पर जोर देते हुए कहा कि विभाग की योजनाओं और परियोजनाओं का आर्थिक दृष्टि से भी आकलन किया जाना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऊर्जा क्षेत्र में ऐसे तकनीकी पहलुओं की पहचान की जाए, जिनके कारण उपलब्ध संसाधनों और संचालित गतिविधियों का अपेक्षित मूल्य संवर्धन नहीं हो पा रहा है। इन बिंदुओं पर गहन मंथन कर आवश्यक सुधार किए जाएं, ताकि ऊर्जा क्षेत्र की कार्यक्षमता बढ़ने के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी सुनिश्चित हो सके।


बैठक में प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री रणवीर प्रसाद ने ऊर्जा विभाग में निवेश बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को और अधिक व्यापक बनाने तथा प्रदेश में ऊर्जा संबंधी गतिविधियों के विस्तार के लिए प्रयास तेज करने पर जोर दिया।


बैठक के दौरान प्रमुख सचिव नगर विकास श्री पी गुरु प्रसाद, प्रमुख सचिव ऊर्जा श्री रणवीर प्रसाद, एमडी यूपीपीसीएल श्री नीतीश कुमार,विशेष सचिव श्री प्रवीण लक्ष्यकार,निदेशक यूपीनेडा श्री रविंद्र कुमार, अपर निदेशक नगरीय निकाय श्रीमती रितु सुहास सहित अन्य सभी संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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