बलरामपुर - नगर के ऐतिहासिक बड़ा पुल चौराहे पर इस वर्ष नवरात्र महोत्सव की छटा देखते ही बन रही है। श्री श्री नव दुर्गे श्रृंगार समिति के तत्वावधान में आयोजित हो रहे 51वें वार्षिक महोत्सव के तहत सजा मां दुर्गा का भव्य दरबार श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था और आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। रंग-बिरंगी रोशनी और पहाड़ों पर विराजमान मां भगवती के मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्त पहुंच रहे हैं।
​पंडाल की अलौकिक छटा और धार्मिक अनुष्ठान
​दिव्य झांकी: पंडाल में पहाड़ों पर विराजमान मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की जीवंत और आकर्षक झांकी सजाई गई है, जो हर आने वाले भक्त को मंत्रमुग्ध कर रही है।
​सप्तचंडी पाठ: विद्वान ब्राह्मणों द्वारा 12 अक्टूबर से नियमित रूप से सप्तचंडी पाठ और विशेष धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए जा रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है।
​सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: महोत्सव के तहत आयोजित गरबा कार्यक्रम में शालिनी मोदनवाल, दिव्या चौरसिया, परी चौहान, सृष्टि मोदनवाल, राशि गुप्ता, शिवांशी चौरसिया, पंखुड़ी मोदनवाल, निशा गुप्ता, लाडो मोदनवाल, नित्य, खुशी, मुस्कान, आंचल और खुशबू चौहान जैसी बाल कलाकारों व युवतियों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
​वर्ष 1976 से चली आ रही परंपरा
​वर्ष 1976 में स्थापित श्री श्री नव दुर्गे श्रृंगार समिति अपनी गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए हर साल इस भव्य आयोजन को स्वरूप देती है। शाम ढलते ही पंडाल में उमड़ने वाली भीड़ और गूंजते मां के जयकारों से पूरा नगर भक्तिमय हो उठा है।
*​सफल आयोजन में इनकी रही मुख्य भूमिका*
​संरक्षक मंडल: डॉ. धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'धीरु', डॉ. नवल किशोर पांडेय, चंद्रमणि तिवारी, मन्नू लाल चौहान, शिव कुमार चौरसिया और कृष्ण कुमार चौरसिया।
​नेतृत्व एवं संचालन: कार्यक्रम संयोजक एवं संरक्षक राघवेंद्र प्रताप सिंह 'शिवाजी' तथा अध्यक्ष भूपेंद्र विक्रम सिंह।
​सहयोग एवं व्यवस्था: वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कुमार साहू 'सोनू', उपाध्यक्ष संजय गुप्ता, आशीष गुप्ता, देवमणि त्रिपाठी, राजेंद्र गुप्ता 'बाबा', महामंत्री नीरज मोदनवाल, कोषाध्यक्ष संजीव गुप्ता और मीडिया प्रभारी लेफ्टिनेंट (डॉ.) देवेंद्र कुमार चौहान (एडवोकेट) समेत समिति के सभी सक्रिय सदस्य व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालने में जुटे हैं।
​*विशेष आकर्षण* यदि आपने अभी तक बड़ा पुल चौराहे पर सजे इस भव्य दरबार के दर्शन नहीं किए हैं, तो शाम के समय परिवार सहित पहुंचकर मां भगवती के अलौकिक स्वरूप का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें।
                 
              

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