जनपद बलरामपुर-जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन की अध्यक्षता में शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग की जिला शिक्षा अनुश्रवण समिति की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में विद्यालयों की शैक्षिक गुणवत्ता, उपस्थिति, अवस्थापना सुविधाओं तथा बोर्ड परीक्षा की तैयारियों पर गहन मंथन किया गया। डीएम ने दोटूक कहा कि कागजी समीक्षा के बजाय धरातल पर मापनीय सुधार नजर आना चाहिए।
बेसिक शिक्षा: FLN और उपचारात्मक शिक्षण पर जोर
बैठक में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अक्टूबर माह में एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (ARP) द्वारा 380 विद्यालयों का निरीक्षण किया गया। आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (FLN) के तहत कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों में पढ़ने व गणितीय क्षमता में सुधार दर्ज हुआ है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल पाठ्यक्रम पूरा करना काफी नहीं है; बच्चे अपनी कक्षा के अनुसार पढ़ने, लिखने और गणना करने में पूरी तरह दक्ष होने चाहिए।
कम प्रदर्शन वाले स्कूलों के लिए बनेगी स्पेशल योजना
जिन विद्यालयों में बच्चों का प्रदर्शन कमजोर पाया गया है, उनके लिए स्पष्ट समयसीमा के साथ लक्षित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रधानाध्यापक, एआरपी और संकुल शिक्षक नियमित अनुश्रवण कर कमजोर बच्चों को उपचारात्मक शिक्षण प्रदान करेंगे।
उपस्थिति पर चिंता: अभिभावकों से संपर्क साधेंगे शिक्षक
समीक्षा में सामने आया कि जनपद में औसत छात्र उपस्थिति सितंबर के 67% की तुलना में अक्टूबर में घटकर 66% रह गई। इस पर डीएम ने कम उपस्थिति वाले विद्यालयों के शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे अभिभावकों से सीधा संवाद स्थापित कर बच्चों को नियमित स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें।
सेवानिवृत्त शिक्षकों की अल्पकालिक नियुक्ति हेतु भेजा जाएगा पत्र
माध्यमिक शिक्षा की समीक्षा के दौरान राजकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए शासन को सेवानिवृत्त शिक्षकों की अल्पकालिक नियुक्ति हेतु पत्र भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही, प्रधानाचार्यों को पेयजल, बिजली, शौचालय और फर्नीचर जैसी अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए संबंधित बीडीओ (BDO) से नियमित समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
समय-सारिणी में अनिवार्य रूप से शामिल होगी स्मार्ट क्लास
जनपद के 22 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में उपलब्ध कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लास का शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने कहा कि प्रत्येक विद्यालय अपनी दैनिक समय-सारिणी में स्मार्ट क्लास का पीरियड अनिवार्य रूप से शामिल करे, ताकि डिजिटल तकनीकों के जरिए बच्चों को रोचक माहौल में पढ़ाया जा सके।
बोर्ड परीक्षा 2027 की तैयारियां तेज करने के निर्देश
आगामी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराने, नियमित टेस्ट, रिवीजन और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के आयोजन पर जोर दिया गया। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त विशेष कक्षाएं चलाने के निर्देश दिए गए
"प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अधिकारी केवल आंकड़ों तक सीमित न रहें, बल्कि विद्यालय स्तर पर सकारात्मक और मापनीय परिवर्तन सुनिश्चित करें।"— डॉ. विपिन कुमार जैन, जिलाधिकारी
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता सहित बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know