जनपद बलरामपुर- मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में मंगलवार को टीबी (क्षय रोग) एवं एचआईवी/एड्स के संबंध में प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता मुख्य चिकित्सा अधिकारी बलरामपुर डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने की। कार्यशाला का उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इन बीमारियों के लक्षण, जांच, उपचार, बचाव तथा जनजागरूकता से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करना था, ताकि जनपद में इनके नियंत्रण एवं रोकथाम के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सके।
कार्यशाला में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार रस्तोगी ने प्रतिभागियों को टीबी एवं एचआईवी/एड्स के प्रमुख लक्षणों, समय पर जांच कराने, उपचार की उपलब्ध सुविधाओं तथा संक्रमण से बचाव के उपायों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, जिसका समय पर पहचान और निर्धारित उपचार के माध्यम से प्रभावी इलाज संभव है। दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक खांसी बने रहने, बुखार, रात में पसीना आने, वजन कम होने तथा लगातार कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर व्यक्ति को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच करानी चाहिए।
उन्होंने एचआईवी/एड्स के संबंध में जागरूकता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि समय पर जांच, चिकित्सकीय परामर्श और निर्धारित उपचार से एचआईवी के साथ रह रहे व्यक्ति भी बेहतर जीवन जी सकते हैं। एचआईवी के संक्रमण के कारणों, बचाव के उपायों तथा इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए समाज में सही जानकारी का प्रसार आवश्यक है। उन्होंने स्वास्थ्यकर्मियों से अपील की कि वे लोगों को बिना किसी भेदभाव के उचित परामर्श एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करें।
राज्य स्तर से आए प्रशिक्षकों द्वारा ब्लॉक स्तरीय चिकित्सा अधिकारियों को टीबी एवं एचआईवी/एड्स की पहचान, जांच एवं उपचार संबंधी प्रक्रियाओं, मरीजों की उचित देखभाल तथा स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आमजन को जागरूक करें तथा संभावित मरीजों को समय पर जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करें।
कार्यशाला में जनपद एवं ब्लॉक स्तर के विभिन्न विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक तथा जिला महिला चिकित्सालय एवं जिला संयुक्त चिकित्सालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के माध्यम से टीबी एवं एचआईवी/एड्स की रोकथाम, मरीजों की पहचान और उपचार संबंधी सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षकों द्वारा ने टीबी एवं एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता बढ़ाने, समय पर जांच एवं उपचार सुनिश्चित करने तथा इन बीमारियों से जुड़े सामाजिक भेदभाव और भ्रांतियों को दूर करने के लिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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