बलरामपुर- शारदीय नवरात्र के नौ दिनों तक चले आराधना और अनुष्ठान के बाद मंगलवार को विजयादशमी के पावन पर्व पर बलरामपुर नगर में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। जय मां दुर्गा पूजा केंद्रीय समन्वय समिति के तत्वावधान में निकाली गई देवी प्रतिमाओं की विसर्जन शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्तिमय बना दिया। नगर और आसपास के ग्रामीण अंचलों से लाई गई सभी प्रतिमाएं जब वीर विनय चौराहे पर एकत्र हुईं, तो वहां का माहौल पूरी तरह से जयकारों से गूंज उठा।
युवाओं और श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता था। गाजे-बाजे और ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते भक्तों ने हवा में अबीर-गुलाल उड़ाकर विजयादशमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया। सदर विधायक पलटू राम, नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह 'धीरू' और समिति के संस्थापक अध्यक्ष राज कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से भगवा झंडी दिखाकर इस ऐतिहासिक और भव्य शोभायात्रा को राप्ती नदी तट के लिए रवाना किया।
*प्रशासनिक दिग्गजों और संतों की उपस्थिति ने बढ़ाई शोभा, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम*
गेल्हापुर महंत बृजानंद महराज की अध्यक्षता में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में शासन, प्रशासन और राजनीति के कई दिग्गज एक मंच पर नजर आए।
कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाते हुए मुख्य अतिथि के रूप में सदर विधायक पलटू राम, जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन और पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रताप सिंह ने शिरकत की।
विशिष्ट अतिथियों मेंभाजपा जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा, अपर जिलाधिकारी संदीप केला, शिव नारायण सिंह, सदर एसडीएम मनोज कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय और संस्थापक अध्यक्ष राज कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने और शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। इस दौरान अतिथियों ने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और सभी से आपसी प्रेम, सौहार्द व शांति के साथ पर्व मनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन संजय शुक्ला ने अपने ओजस्वी अंदाज से किया।
पारंपरिक मार्गों से गुजरी यात्रा, नम आंखों से मां को दी गई विदाई
वीर विनय चौराहे से आरंभ होकर यह विशाल शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों—सराय फाटक, सब्जी मंडी, बर्तन मंडी, गर्ल्स कॉलेज चौराहा, देवी दयाल तिराहा, बड़ा पुल, नई बाजार, चौक और मेजर चौराहा—से होती हुई कालीथान के रास्ते राप्ती नदी तट पर पहुंची।
राप्ती तट पर विधि-विधान, वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया गया। मां को विदाई देते समय श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं और हर कोई अगले बरस तू जल्दी आ की कामना करता नजर आया। विसर्जन का यह सिलसिला देर शाम तक अनवरत चलता रहा।
*विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान*
समारोह के दौरान समिति की ओर से उत्कृष्ट योगदान देने वाले गणमान्य लोगों का भव्य स्वागत किया गया। समिति के अध्यक्ष डॉ. धीरेंद्र प्रताप सिंह 'धीरू' और कार्यकारी अध्यक्ष अविनाश मिश्रा ने अतिथियों का अंगवस्त्र व स्मृति चिह्न भेंटकर अभिनंदन किया। इसके साथ ही श्रीराम जन्मभूमि के पक्षकार राजेंद्र सिंह, संरक्षक डॉ. कौशल्या गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ सभासद संजय मिश्रा, कमलेश त्रिपाठी, हरिवंश सिंह, राम बख्श वाल्मीकि, विजय अग्रवाल और डॉ. कुलदीप विश्वकर्मा का भी विशेष सम्मान किया गया।
इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में संजय शर्मा, डॉ. तुलसीश दुबे, महामंत्री रामकृष्ण सिंह 'लड्डू', अंकुर चौहान, डॉ. अजय सिंह 'पिंकू', संजय श्रीवास्तव, डीपी सिंह, बाबू लाल, संदीप मिश्रा, अवधेश पाण्डेय और गौरव मिश्रा सहित तमाम पदाधिकारी व कार्यकर्ता पूरी निष्ठा के साथ डटे रहे।
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