बलरामपुर-​तराई क्षेत्र के ऑक्सफोर्ड कहे जाने वाले महारानी लाल कुंवरि स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बलरामपुर (उत्तर प्रदेश) के निवर्तमान विभागाध्यक्ष और प्रख्यात साहित्यकार प्रोफ़ेसर (डॉ.) चंद्रेश्वर पाण्डेय की भोजपुरी कथेतर (Non-Fiction) गद्यकृति 'हमार गांव' को एक बड़ी अकादमिक सफलता मिली है। बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के स्नातकोत्तर (M.A. भोजपुरी - MABHO-CC302) पाठ्यक्रम में इस कृति को नए सत्र 2026-27 से शामिल कर लिया गया है।

​लेखक की आत्मीय प्रतिक्रिया

​इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए प्रो. चंद्रेश्वर ने कहा कि यह समाचार उनके लिए अत्यंत गौरव का विषय है। यह केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि भोजपुरी कथेतर गद्य विधा और हमारे गाँव-घर की संस्कृति की अकादमिक स्वीकृति है। उन्होंने बिहार के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, भोजपुरी विभाग के विद्वानों और पाठ्यक्रम समिति के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपनी इस लंबी यात्रा को याद करते हुए साझा किया कि बिहार के बक्सर ज़िले के सिमरी अंचल स्थित 'आशा पड़री' गाँव की धूल से लेकर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ तक की उनकी साहित्यिक यात्रा आज सही मायनों में सार्थक हुई है। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि 'हमार गाँव' के सात संस्मरण नई पीढ़ी को उनकी जड़ों से जोड़ेंगे।

​कृति का सफर और उपलब्धियां

  • ​लेखन और प्रकाशन: डॉ. चंद्रेश्वर ने इस कृति की रचना बलरामपुर में रहते हुए वर्ष 2018-19 के दौरान की थी, जिसका प्रकाशन वर्ष 2020 में रश्मि प्रकाशन, लखनऊ द्वारा किया गया।
  • ​लोकप्रियता और सम्मान: पिछले 6 वर्षों में इस कृति ने भोजपुरी साहित्य समाज और जनमानस के बीच अपार लोकप्रियता हासिल की है। फरवरी 2024 में नई दिल्ली के विश्व पुस्तक मेले में प्रख्यात हिंदी साहित्यकार डॉ. रामदरश मिश्र के हाथों इसे उत्कृष्ट भोजपुरी कथेतर गद्य लेखन के लिए 'सर्व भाषा सम्मान' से नवाजा जा चुका है।
  • ​संस्करण और अनुवाद: इस पुस्तक का दूसरा संस्करण वर्ष 2025 में आ चुका है। लेखक ने बताया कि इसका अनुवाद पहले ही अवधी भाषा में हो चुका है, और आगामी वर्षों में यह कृति अंग्रेजी तथा हिंदी में भी अनूदित होकर पाठकों के समक्ष आएगी।

​शैक्षणिक जगत और स्थानीय स्तर पर बधाइयों का तांता

​इस अकादमिक उपलब्धि के लिए सोशल मीडिया के ज़रिए देश भर से प्रो. चंद्रेश्वर को बधाइयां मिल रही हैं। स्थानीय स्तर पर एम.एल.के. स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफ़ेसर (डॉ.) जनार्दन प्रसाद पांडेय, भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर डॉ. अरविन्द कुमार द्विवेदी, प्रोफ़ेसर डॉ. प्रेम कुमार सिंह, बी.एड. विभागाध्यक्ष प्रोफ़ेसर डॉ. राघवेन्द्र सिंह, वाणिज्य विभाग के सहायक प्रोफ़ेसर डॉ. के.पी. मिश्र, और कंप्यूटर साइंस विभाग के सहायक प्रोफ़ेसर डॉ. अविनाश सिंह समेत कई गणमान्य लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। 

                

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