बलरामपुर- जनपद में जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या की गणना को सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन द्वारा प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रथम बैच के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने जनगणना 2027 के महत्व, डिजिटल जनगणना की प्रक्रिया, प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के दायित्वों तथा जनगणना कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न कराए जाने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने बताया कि *जनगणना 2027 पूर्णतया डिजिटल माध्यम से संपन्न कराई जाएगी।* डिजिटल तकनीक के उपयोग से जनगणना की प्रक्रिया अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं प्रभावी होगी तथा आंकड़ों के संकलन एवं प्रबंधन में सुगमता आएगी। उन्होंने कहा कि जनगणना देश की विकास योजनाओं, संसाधनों के समुचित आवंटन तथा भविष्य की नीतियों के निर्धारण का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति एवं परिवार से संबंधित जानकारी का सही एवं पूर्ण संकलन अत्यंत आवश्यक है।
*16 नवंबर से 30 नवंबर तक नागरिक स्वयं कर सकेंगे स्व-गणना*
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत आम नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करने की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इसके लिए **16 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना (Self Enumeration)** की अवधि निर्धारित की गई है।
इस अवधि में नागरिक डिजिटल माध्यम से स्वयं अपनी एवं अपने परिवार से संबंधित आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे स्व-गणना की सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें।
*01 दिसंबर से 04 जनवरी तक घर-घर जाकर जनगणना करेंगे प्रगणक*
जिलाधिकारी ने बताया कि स्व-गणना की अवधि समाप्त होने के उपरांत *01 दिसंबर 2026 से 04 जनवरी 2027 तक जनगणना का फील्ड कार्य संचालित किया जाएगा।*
इस दौरान नियुक्त प्रगणक अपने-अपने आवंटित गणना खंडों (Enumeration Blocks–EB) में घर-घर जाकर जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत निर्धारित प्रारूप के अनुसार आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी प्रगणक अपने आवंटित क्षेत्रों की जानकारी भली-भांति प्राप्त कर लें तथा यह सुनिश्चित करें कि कोई भी परिवार अथवा पात्र व्यक्ति जनगणना की प्रक्रिया से छूटने न पाए। साथ ही जनगणना के दौरान प्राप्त सूचनाओं की शुद्धता एवं गोपनीयता का विशेष ध्यान रखा जाए।
*05 से 09 जनवरी तक संचालित होगा रिवीजनल राउंड*
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना के फील्ड कार्य के उपरांत *05 जनवरी से 09 जनवरी 2027 तक रिवीजनल राउंड* संचालित किया जाएगा। इस अवधि में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जनगणना संबंधी विवरणों का पुनरीक्षण एवं आवश्यक अद्यतन किया जाएगा, ताकि जनसंख्या संबंधी आंकड़ों की शुद्धता एवं पूर्णता सुनिश्चित की जा सके।
उन्होंने कहा कि जनगणना का प्रत्येक चरण अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समयसीमा तथा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें।
*प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को डिजिटल प्रक्रिया का दिया जाएगा व्यावहारिक प्रशिक्षण*
जिलाधिकारी ने कहा कि डिजिटल जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके दृष्टिगत सभी कार्मिकों को डिजिटल माध्यम से आंकड़ों के संकलन, निर्धारित प्रश्नावली, गणना खंडों में कार्य करने की प्रक्रिया तथा जनगणना संबंधी अन्य तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे सभी प्रगणक एवं सुपरवाइजर प्रत्येक विषय को गंभीरतापूर्वक समझें तथा प्रशिक्षण के दौरान अपनी शंकाओं का समाधान अवश्य कर लें, जिससे फील्ड कार्य के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई उत्पन्न न हो।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि सुपरवाइजर अपने अधीनस्थ प्रगणकों के कार्यों का नियमित पर्यवेक्षण करें तथा आंकड़ों के संकलन में किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा विसंगति पाए जाने पर उसका समय से निराकरण सुनिश्चित कराएं।
उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों के संकलन का कार्य नहीं, बल्कि देश एवं जनपद के भविष्य की विकास योजनाओं के निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
*जनपदवासियों से जनगणना कार्य में सहयोग की अपील*
जिलाधिकारी/प्रमुख जनगणना अधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने जनपद के समस्त नागरिकों से अपील की कि जनगणना 2027 के द्वितीय चरण में सक्रिय सहयोग प्रदान करें। स्व-गणना की निर्धारित अवधि में उपलब्ध डिजिटल सुविधा का लाभ उठाएं तथा घर-घर सर्वेक्षण के दौरान आने वाले प्रगणकों को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि *सटीक जनगणना, बेहतर विकास योजनाओं एवं जनकल्याणकारी नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन का आधार है। *जनपद के सभी नागरिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों के सामूहिक सहयोग से जनगणना 2027 को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभावी संचालन, प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों की शत-प्रतिशत सहभागिता तथा आगामी जनगणना कार्यों की सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।
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