बलरामपुर- भारत सरकार के ULLAS–नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद के विभिन्न परिषदीय विद्यालयों एवं निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर नवसाक्षरों/असाक्षर व्यक्तियों के लिए मूलभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया गया।
परीक्षा का मुख्य उद्देश्य ULLAS कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा एवं साक्षरता से जुड़ रहे वयस्क शिक्षार्थियों द्वारा अर्जित ज्ञान एवं कौशल का मूल्यांकन करना रहा। परीक्षा में शिक्षार्थियों की पठन, लेखन एवं दैनिक जीवन में उपयोगी मूलभूत संख्याज्ञान संबंधी दक्षताओं का आकलन किया गया।
जनपद में परीक्षा को व्यवस्थित, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। संबंधित अधिकारियों, प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों, स्वयंसेवी शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों ने परीक्षा के सफल संचालन में सक्रिय सहभागिता की। परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने वाले शिक्षार्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं सहयोग भी प्रदान किया गया।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि साक्षरता केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यक्ति को दैनिक जीवन में अधिक आत्मनिर्भर, जागरूक एवं सक्षम बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। पढ़ने-लिखने और मूलभूत गणना की क्षमता से व्यक्ति विभिन्न सरकारी सेवाओं एवं योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने, दैनिक लेन-देन करने तथा अपने अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति अधिक सजग हो सकता है।
ULLAS–नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे वयस्कों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जो विभिन्न कारणों से औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। कार्यक्रम में शिक्षार्थियों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्याज्ञान के साथ निरंतर सीखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जनपद में ULLAS कार्यक्रम को प्रभावी रूप से संचालित करते हुए अधिक से अधिक असाक्षर व्यक्तियों को चिन्हित कर साक्षरता से जोड़ने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सीखने का अवसर पहुंचाते हुए साक्षर, जागरूक एवं आत्मनिर्भर समाज के निर्माण को गति प्रदान करना है।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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