जनपद बलरामपुर - पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय के कुशल नेतृत्व में जनपदीय न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं अभेद्य बनाए जाने के उद्देश्य से मा.न्यायालय सुरक्षा में तैनात पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को 14 दिवसीय विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
इसी क्रम में आज दिनांक 18.09.2026 को अपर पुलिस अधीक्षक श्री विशाल पाण्डेय द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में मा० न्यायालय सुरक्षा ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को मा० न्यायालय एवं वीआईपी सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण एवं आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
प्रशिक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा सभी को न्यायालय परिसर की सुरक्षा से संबंधित सुरक्षा मानकों, संभावित खतरों की पहचान एवं आकलन, सतर्कता, अभिसूचना तंत्र तथा आकस्मिक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के संबंध में व्यावहारिक जानकारी दी गई।
*प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु—*
*न्यायालय परिसर में *माo न्यायाधीशगण, न्यायालय स्टॉफ, अधिवक्तागण, वादी, साक्षी एवं अन्य व्यक्तियों की सुरक्षा* सुनिश्चित करने के आवश्यक उपाय।
*न्यायालय परिसर, प्रवेश एवं निकास द्वार तथा महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के मूलभूत सिद्धांत एवं आवश्यक सुरक्षा मानक।
*महत्वपूर्ण न्यायालयों को संभावित *आतंकवादी/असामाजिक तत्वों से उत्पन्न खतरों* की पहचान, खतरे का आकलन एवं उसके अनुरूप सुरक्षा प्रबंध।
*न्यायालय सुरक्षा में *अभिसूचना (इंटेलिजेंस) के महत्व* तथा संदिग्ध गतिविधियों की सूचना प्राप्त होने पर आवश्यक कार्रवाई।
*न्यायालय परिसर में कार्यरत विभिन्न संस्थाओं, संगठनों एवं व्यक्तियों के साथ *आपसी समन्वय एवं प्रभावी कम्युनिकेशन* स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना।
*वीआईपी सुरक्षा* के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियां एवं निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन।
*आकस्मिक परिस्थितियों, संदिग्ध वस्तु/व्यक्ति अथवा किसी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में *त्वरित, समन्वित एवं प्रभावी प्रतिक्रिया* सुनिश्चित करना।
*ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों की *सतर्कता, अनुशासन एवं जिम्मेदारियों* के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश।
*प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सतर्क, व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाते हुए माo न्यायाधीशगण, न्यायालय स्टॉफ, अधिवक्तागण, वादी, साक्षी, न्यायिक अभिलेखों एवं अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है*
प्रशिक्षण में *कुल 37 पुलिस अधिकारियों/र्मचारियों का प्रशिक्षण सकुशल समपन्न हुआ,जिनमे 01 निरीक्षक, 08 उप निरीक्षक, 06 मुख्य आरक्षी तथा 22 आरक्षी* शामिल रहे l
पुलिस अधीक्षक मार्तण्ड प्रकाश सिंह द्वारा अवगत कराया गया कि माननीय न्यायालय की सुरक्षा व संवेदनशीलता के दृष्टिगत, इसे अधिक सुदृढ़,प्रभावी एवं अभेद्य बनाने के उद्देश्य से सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता रहेगा।
हिन्दी संवाद न्यूज से
रिपोर्टर वी. संघर्ष
बलरामपुर।
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