उतरौला बलरामपुर - विधान सभा चुनाव की रणभेरी बजने में कुछ ही महीने शेष बचे हुए हैं कि राजनीतिक दलों में टिकट की दावेदारी को लेकर आन्तरिक जंग का दौर शुरू हो गई है। जिले की सबसे हाट सीट उतरौला विधान सभा बन चुकी है जहां स्थानीय दावेदारों से लेकर अब बाहरी दावेदार तक अपनी अपनी किस्मत आजमाने के लिए ताल ठोंक रहे हैं समाजवादी पार्टी की सबसे ज्यादा दावेदारों की पार्टी बनी हुई है जहां दस दावेदार पार्टी से टिकट पाने की जुगत मे दिन-रात एक किए हुए हैं। अन्तिम समय में पार्टी किसका टिकट फाइनल करती है या समझौते के तहत यह सीट किसी और सहयोगी पार्टी के लिए छोड़ी जा सकती है, यह भी अभी तय नही हुआ है सपा के दावेदारों की बात करें, तो पूर्व विधायक आरिफ अनवर हाशमी, पूर्व विधायक अनवर महमूद खां, पूर्व जिलाध्यक्ष परशुराम वर्मा, पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा, शत्रोहन प्रसाद वर्मा, डाक्टर एहसान खान, डाक्टर परवेज उमर, राम दयाल यादव, सैय्यद तवक्कलहुसैन रिजवी, पूर्व तथा ए आई एम आइ एम को छोड़कर सपा में शामिल हुए डाक्टर अब्दुल मन्नान भी शामिल हैं। पार्टी में प्रत्याशी चयन के लिए एक राय बनाने के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने भी एक बैठक की थी। मंगलवार को पिछड़ा वर्ग के प्रदेश उपाध्यक्ष व जिला प्रभारी तूफानी प्रसाद निषाद ने भी पीडीए की एक बैठक की। हांलाकि अभी भी सभी प्रत्याशी अपनी टिकट की दावेदारी को मजबूत मान रहे हैं। वहीं पर कांग्रेस पार्टी में भी दावेदारों की कमी नहीं है।अभी हाल ही में सपा छोड़ कर आए हसीब खान अपने दौड़ मे खुद को सबसे आगे मान रहे हैं। वह पिछले विधान सभा चुनाव में गठबंधन की जनवादी पार्टी से चुनाव लड़े थे और दूसरे स्थान पर रहे। दूसरी दावेदारी पूर्व विधायक धीरेन्द्र प्रताप उर्फ धीरु सिंह की है, जबकि तीसरे स्थान पर रक्षाराम वर्मा हैं, पद्मश्री बेकल उत्साही की पुत्री आइफा उत्साही, रक्षाराम वर्मा तथा हामिद खलीलुल्ला भी टिकट के दावेदार में शामिल हैं। भाजपा में वर्तमान विधायक राम प्रताप वर्मा का पुनः पार्टी से लड़ना पक्का माना जा रहा था लेकिन अब टिकट के दावेदारी में राधेश्याम वर्मा और अनूप चन्द गुप्ता भी शामिल हो गये हैं। बसपा से फिलहाल मैदान में कोई भी ताल नहीं ठोंक रहा है लेकिन अन्दर की चर्चा ये है कि समाजवादी पार्टी से टिकट न पाने वाले दावेदारों में से कुछ बसपा से दावेदारी कर सकते हैं। डाक्टर अब्दुल मन्नान के पार्टी बदलने के बाद फिलहाल ए आइ एम आइ एम से अभी एक ही दावेदार मैदान में नहीं दिख रहे है। प्रत्याशी की घोषणा के बाद कई दलों से समर्थकों और दावेदारों के पाला बदलने के भी कयास लगाए जा रहे हैं। बहरहाल आने वाले समय में राजनीतिक दलों में से उतार-चढ़ाव और पाला बदलने से राजनीतिक माहौल दिलचस्प होगा।
हिन्दी संवाद न्यूज से
असगर अली की खबर
उतरौला बलरामपुर।
एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know