बलरामपुर- जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. आरती तिवारी ने सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में निर्वाचन आयोग, ईवीएम-वीवीपैट और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस एवं विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर भाजपा की ओर से अपना पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों को सवाल पूछने और संवैधानिक संस्थाओं की आलोचना करने का अधिकार है, लेकिन किसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते समय तथ्यों और प्रमाणों का सम्मान किया जाना चाहिए।
डॉ. तिवारी ने कहा कि चुनावी परिणामों के बाद निर्वाचन आयोग, ईवीएम अथवा अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने के बजाय विपक्ष को अपने आरोपों के समर्थन में ठोस तथ्य और प्रमाण जनता के सामने रखने चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपनी राजनीतिक एवं संगठनात्मक स्थिति पर भी आत्ममंथन करने की बात कही।
#SIR पर भ्रम के बजाय सही जानकारी देने की अपील#
जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को जागरूकता एवं सहयोग की भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने ईवीएम-वीवीपैट को लेकर कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्वाचन प्रक्रिया और सुरक्षा उपायों से संबंधित जानकारी सार्वजनिक की जाती है। उनके अनुसार वीवीपैट के माध्यम से मतदाता अपने मत की पुष्टि कर सकता है।
चुनावी प्रक्रिया पर तथ्य आधारित चर्चा जरूरी
डॉ. आरती तिवारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग संविधान के तहत गठित संवैधानिक संस्था है और देश में विभिन्न चुनावों को संपादित करवाती है। 

              हिन्दी संवाद न्यूज से
               रिपोर्टर वी. संघर्ष
                  बलरामपुर। 

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