बलरामपुर- जनपद में परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बच्चों को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराए जाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. विपिन कुमार जैन ने विकास खंड तुलसीपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय हरहटा का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालय की विभिन्न कक्षाओं में पहुंचकर छात्र-छात्राओं से सीधे संवाद किया तथा उनके पाठ्यक्रम से संबंधित विभिन्न सवाल पूछकर शैक्षिक गुणवत्ता एवं लर्निंग आउटकम को परखा।
बच्चों ने जिलाधिकारी द्वारा पूछे गए सवालों के सही जवाब दिए। बच्चों की अच्छी शैक्षिक समझ एवं आत्मविश्वास देखकर जिलाधिकारी ने प्रसन्नता व्यक्त की और उनका उत्साहवर्धन किया।
जिलाधिकारी ने बच्चों से उनकी पढ़ाई, नियमित उपस्थिति, विद्यालय में मिलने वाली शैक्षिक सुविधाओं एवं शिक्षकों द्वारा कराई जा रही पढ़ाई के संबंध में भी बातचीत की। उन्होंने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने तथा प्रतिदिन सीखी गई बातों का अभ्यास करने के लिए प्रेरित किया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने शिक्षकों से भी संवाद करते हुए बच्चों के शैक्षिक स्तर में निरंतर सुधार पर विशेष ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता एवं शैक्षिक प्रगति पर नियमित रूप से ध्यान दिया जाए तथा जिन बच्चों को किसी विषय में अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता हो, उन्हें विशेष रूप से अभ्यास कराया जाए। शिक्षा केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित न रहे, बल्कि बच्चों में विषय की स्पष्ट समझ एवं आत्मविश्वास विकसित करने पर भी जोर दिया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) की व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से सीधे संवाद कर भोजन की गुणवत्ता एवं नियमितता के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय स्टाफ को निर्देशित किया कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण, पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।
जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, शौचालय सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय में बेहतर शैक्षिक वातावरण बनाए रखने तथा बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता दी जाए। प्रत्येक बच्चा अपनी कक्षा के अनुरूप अपेक्षित शैक्षिक दक्षता हासिल करे, इसके लिए शिक्षक नियमित मूल्यांकन करते हुए आवश्यक शैक्षिक सहयोग प्रदान करें।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारी, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, शिक्षक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।

               हिन्दी संवाद न्यूज से
                 रिपोर्टर वी. संघर्ष
                   बलरामपुर। 

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