समूह की हर दीदी की आय बढ़ाना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना सरकार का लक्ष्य
-श्री केशव प्रसाद मौर्य
स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को मिलेगी वैश्विक बाजार तक पहुंच, गांव की महिलाएं बनेंगी आर्थिक रूप से सशक्त

स्कूल ड्रेस, जूता-मोजा सहित अन्य उत्पादों की आपूर्ति से समूहों की महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे

लखनऊः 28 सितम्बर, 2026


उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को गौतम बुद्ध नगर में आयोजित यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी प्रत्येक दीदी की आमदनी बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार का संकल्प है कि कोई भी गरीब परिवार गरीबी में न रहे और गरीब परिवारों को गरीबी से बाहर निकालकर समृद्धि की ओर ले जाया जाए। स्वयं सहायता समूह इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आज गांव की महिलाएं केवल घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बैंकिंग, विद्युत, कृषि, बीमा और ड्रोन सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर आर्थिक गतिविधियों की नई पहचान बना रही हैं। बीसी सखी, बैंक सखी, विद्युत सखी, कृषि सखी और ड्रोन सखी जैसी पहल से महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर पैदा हुए हैं। आने वाले समय में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को घरेलू गैस सिलेंडरों के वितरण से जोड़ने की दिशा में भी कार्य करने का विचार है। निर्धारित सरकारी मानकों के अनुरूप समूह की दीदियों के घरों पर सिलेंडरों का भंडारण एवं वितरण व्यवस्था विकसित होने से उन्हें अतिरिक्त आमदनी का अवसर मिलेगा।
श्री मौर्य ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में सरकार निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हर घर तिरंगा अभियान के लिए समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए तिरंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि जिन महिलाओं का भुगतान अभी लंबित है, उनका तत्काल भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि यदि किसी स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया रुकी हुई है तो उसे शीघ्र पूरा कर धनराशि संबंधित महिलाओं तक पहुंचाई जाए।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश के प्राथमिक एवं जूनियर विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों की ड्रेस, जूता-मोजा आदि की आपूर्ति में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को बड़ी भूमिका देने की व्यवस्था करने वाले हैं। हमारी मंशा है कि समूहों की महिलाएं कपड़ा प्राप्त कर ड्रेस तैयार करें और उसकी आपूर्ति करें। इससे गांव में सिलाई एवं निर्माण का काम बढ़ेगा और समूहों को उनके उत्पाद से होने वाले लाभ का सीधा फायदा मिलेगा।
श्री मौर्य ने कहा कि महिलाओं में परिवार को बेहतर ढंग से संभालने और सीमित संसाधनों में भी घर की आवश्यकताओं को पूरा करने की अद्भुत क्षमता होती है। उन्होंने कहा कि महिला की छोटी-सी अतिरिक्त आमदनी भी परिवार की आर्थिक स्थिति में बड़ा बदलाव ला सकती है। इसलिए सरकार का प्रयास है कि गांव की अधिक से अधिक महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ें, अपनी क्षमता का उपयोग करें और अपनी आमदनी बढ़ाएं।
उप मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों के संचालन में पारदर्शिता और सभी सदस्यों की सहभागिता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कुछ समूहों में अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष तक ही गतिविधियां सीमित रहने की स्थिति सामने आती है, जबकि सरकार का उद्देश्य है कि समूह से जुड़ी प्रत्येक महिला को आर्थिक गतिविधियों और निर्णय प्रक्रिया में अवसर मिले। उन्होंने कहा कि जो समूह अच्छा कार्य कर रहे हैं, उनके अनुभवों से अन्य समूहों को भी सीखना चाहिए और प्रतिस्पर्धा के माध्यम से अपने उत्पादों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार करना चाहिए।
श्री मौर्य ने कहा कि आज यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस अवसर का उपयोग केवल अपने स्टॉल तक सीमित न रखें, बल्कि अन्य स्टॉलों को भी देखें, नए उत्पादों और बाजार की मांग को समझें तथा अपने उत्पादों में नवाचार और गुणवत्ता बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि स्वयं सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पाद इतने गुणवत्तापूर्ण हों कि देश के साथ-साथ विदेशों में आयोजित होने वाले ट्रेड शो में भी उनकी मांग हो और उत्पाद कम पड़ जाएं।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को निरंतर नए अवसर दिए जाने चाहिए। इस बार यू.पी. इंटरनेशनल ट्रेड शो में बड़ी संख्या में नई समूह की दीदियों को अवसर दिया गया है, ताकि वे अपनी क्षमता और प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने कहा कि अवसर मिलने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से वे अपने उत्पादों की गुणवत्ता और व्यवसाय को और आगे ले जा सकेंगी।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का लक्ष्य है कि लखपति दीदी के साथ-साथ गांव की महिलाएं आर्थिक समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचें। उन्होंने हरियाणा से आई महिला उद्यमी का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने भविष्य में करोड़पति दीदी बनने का संकल्प व्यक्त किया है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वह ऐसी सभी दीदियों को अग्रिम शुभकामनाएं देते हैं और विश्वास व्यक्त करते हैं कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शून्य से शिखर तक का सफर तय करते हुए अपने परिवार और गांव की खुशहाली का माध्यम बनेंगी।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की सफलता की कहानियां गांव की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनेंगी। जब एक महिला आगे बढ़ती है तो उससे प्रेरणा लेकर दूसरी महिलाएं भी समूह से जुड़ती हैं और अपनी आमदनी बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ती हैं। यही महिला सशक्तीकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार का उद्देश्य है।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सौरभ बाबू एवं मिशन निदेशक श्री अरुण कुमार सहित विभागीय अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों की प्रतिबद्धता और समूहों की महिलाओं की मेहनत से प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों का कार्य निरंतर विस्तार पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध हों और उनके उत्पादों को व्यापक बाजार मिले।
मिशन द्वारा आयोजित ेमससमत.इनलमत उममज अंतर्गत समूह सदस्यों एवं संस्थाओं से अनुबंध भी किये गये।
कार्यक्रम में मंत्री परिषद के सदस्य श्री नरेंद्र कश्यप, श्री हंसराज विश्वकर्मा,क्षेत्रीय एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, ग्राम्य विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं एवं पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।

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