औरैया // एक तरफ किसान शानदार उत्पादन का जश्न मना रहा था तो दूसरी तरफ आसमान से लगातार आफत बरस रही है पिछले 24 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश एवं 80 से 90 किलो मीटर प्रति घण्टे की हवा की रफ्तार ने जनपद के हजारों एकड़ धान को तबाह कर दिया है।

सबसे ज्यादा मार संकर बासमती ताज धान किस्म पर पड़ी है यह किस्म अब पूरी तरह पक कर कटाई के लिए तैयार है लेकिन लगातार बारिश और तेज हवा के कारण पूरी फसल खेत में ही बिछ गई है।

पानी भरे होने के कारण खेत में ही सड़ने लगा दाना औरैया के जैविक किसान ने बताया ताज धान का दाना बहुत नाजुक होता है पकी हुई बाली पर पानी टिकने से दाने में काले लाल धब्बे आ गए हैं। कई खेतों में तो बाली सड़ने लगी हैं यह अब मंडी में भी औने पौने दामों में व्यापारी लेंगे और मनमर्जी करेंगे।

किसानों को 50% तक नुकसान..

अनुमान है कि इस बेमौसम बारिश से प्रति एकड़ 7-8 क्विंटल का नुकसान है जो किसान 20-22 क्विंटल की उम्मीद लगाए बैठा था, उसे अब 12-13 क्विंटल ही मिल पाएगा ऊपर से धान गीला होने से मंडी में भाव भी 400-500 रुपये कम मिलेगा।

किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल टीम भेजकर सर्वे कराया जाए और नुकसान हुई धान की भरपाई की जाए जैविक खेती करने वाले किसानों ने कहा "हम जैविक में यूरिया नहीं डालते, इसलिए हमारी फसल और भी नाजुक है सरकार को ताज धान को विशेष आपदा में शामिल करना चाहिए"

खेतों में बिछी सुनहरी फसल को देखकर किसान की आंखों में आंसू हैं जो फसल कल तक सोना थी आज पानी में सड़ने की कगार पर है।

रिपोर्ट :- जितेंद्र कुमार हिन्दी संवाद न्यूज उत्तर प्रदेश

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