**रिपोर्ट -- सैय्यद जावेद अख्तर**
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के सुमेरपुर के बांकी गांव में 9 जनवरी 2018 को गांव के ही ब्रजकिशोर उर्फ बिरजू माली ने जबरन घर में उस वख्त घुसकर 18 साल की छात्रा के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया, जब वो अकेली थी, और जब छात्रा ने विरोध किया, तो युवक ने उसे जान से मारने की धमकी देने के साथ ही जाति सूचक लफ्जों का इस्तेमाल कर बेइज्जत किया गया। धमकी के डर से पीड़ित छात्रा ने अपने माता-पिता को उस वख्त वारदात की जानकारी नहीं दी। जिस्से युवक के हौसले बुलंद और हो गये, जिसके बाद 29 जनवरी को दोबारा फिर युवक ने छात्रा के साथ जबरन घर में घुसकर दुष्कर्म की वारदात को अंजाम देने की कोशिश की। लेकिन इसी बीच छात्रा की मां आगई, तो युवक भाग निकला, जबकि उसका मोबाईल मौके पर गिर गया। वहीं अपनी पत्नी सुशीला से वारदात की जानकारी मिलने पर जब छात्रा का पिता युवक के घर शिकायत करने गया, तो युवक ने तमंचा दिखाकर गाली गलौज करते हुये मारपीट कर उसे जान से मारने की धमकी देने के साथ ही जाति सूचक लफ्जों से अपमानित किया। जिसके बाद पिता राजेन्द्र रैदास ने पुलिस को तहरीर देकर मुल्जिम के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की थी। पीड़ित छात्रा के पिता की तहरीर पर सुमेरपुर पुलिस ने बाकी निवासी मुल्जिम ब्रजकिशोर उर्फ बिरजू माली पुत्र लल्लू माली के खिलाफ मु0अ0सं0-29/18 धारा-452,376,504,506 आईपीसी सहित 3(2)5 एससी/एसटी के तहत मामला दर्ज किया गया था। वहीं आपरेशन कन्विक्शन के तहत एससी/एसटी स्पेशल अदालत के स्कालर जज रनवीर सिंह ने मुल्जिम बृजकिशोर उर्फ बिरजू माली को गुनाहगार मानते हुये धारा-452,376,504,506 आईपीसी सहित धारा 3(2)5 एससी/एसटी के तहत उम्रकैद की सज़ा के साथ ही 39 हजार का जुर्माना सुनाया। जबकि मामले की जांच तत्कालीन सीओ सदर रजनीश कुमार उपाध्याय ने पूरी करने के बाद अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी, वहीं अभियोजन की तरफ से दमदार पैरवी करते हुये एस.एस.पी विजय सिह ने अदालत से मुल्जिम को सख्त सजा देने की मांग की थी।

एक टिप्पणी भेजें
If you have any doubts, please let me know