बिहार में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस 2026 के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन, व्यापक गर्भपात देखभाल को सुदृढ़ करने पर जोर


पटना, 28 सितंबर 2026: अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस 2026 के अवसर पर आज अधिवेशन भवन, पुराना सचिवालय परिसर, पटना में एक राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बिहार में सुरक्षित, कानूनी, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण व्यापक गर्भपात देखभाल (Comprehensive Abortion Care–CAC) सेवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता को और सुदृढ़ करना रहा।


कार्यक्रम में श्री स्पर्श गुप्ता, अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति (SHSB), सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न स्तरों के वरिष्ठ पदाधिकारियों, राज्य एवं क्षेत्रीय अधिकारियों, प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञों, CAC प्रशिक्षित सेवा प्रदाताओं, अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों (ACMO) तथा जिला एवं क्षेत्रीय स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने भाग लिया।


इस अवसर पर वर्ष 2026 की वैश्विक थीम “Solidarity in Action: Advance Reproductive Justice and Urgently Strengthen Health Systems for Comprehensive Abortion Care (CAC)” पर चर्चा की गई। थीम के माध्यम से सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण गर्भपात सेवाओं को स्वास्थ्य प्रणाली के भीतर सुदृढ़ करने तथा सभी संबंधित हितधारकों के सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया।


कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षित गर्भपात दिवस का महत्व, बिहार में गर्भपात सेवाओं की स्थिति, MTP Act एवं उसके संशोधनों का प्रभावी अनुपालन, CAC एवं गर्भपात पश्चात परिवार नियोजन (Post-Abortion Family Planning–PAFP) सेवाओं का एकीकरण तथा CAC सेवाओं के दस्तावेजीकरण एवं रिपोर्टिंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों के माध्यम से स्वास्थ्य अधिकारियों एवं सेवा प्रदाताओं को सेवा वितरण से संबंधित चुनौतियों पर चर्चा करने तथा उनके व्यावहारिक समाधान साझा करने का अवसर मिला।


कार्यक्रम में वरिष्ठ स्वास्थ्य पदाधिकारियों ने कहा कि सुरक्षित गर्भपात मातृ स्वास्थ्य सेवाओं का एक महत्वपूर्ण घटक है और इसके लिए नीति, सेवा वितरण, प्रशिक्षित मानव संसाधन, आवश्यक दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता, रेफरल व्यवस्था, दस्तावेजीकरण तथा गुणवत्ता आश्वासन के स्तर पर समन्वित प्रयास आवश्यक हैं।


CAC एवं PAFP सेवाओं के एकीकरण पर विशेष जोर दिया गया, ताकि गर्भपात सेवा प्राप्त करने वाली प्रत्येक महिला को उसकी स्वैच्छिक एवं सूचित पसंद (informed choice) के अनुरूप परिवार नियोजन परामर्श तथा उपयुक्त गर्भनिरोधक विकल्पों तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके। इसमें दीर्घकालिक प्रतिवर्ती गर्भनिरोधक विधियों (LARC) सहित विभिन्न गर्भनिरोधक विकल्पों की जानकारी एवं उपलब्धता को भी महत्वपूर्ण बताया गया।


कार्यक्रम में CAC सेवाओं के उचित दस्तावेजीकरण एवं रिपोर्टिंग, MTP Act एवं उसके संशोधनों के प्रावधानों का पालन, मेडिकल बोर्ड एवं रेफरल तंत्र को सुदृढ़ करने तथा सेवा प्रदाता, आवश्यक दवाओं, उपकरणों और अन्य जरूरी सामग्रियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई।


इस अवसर पर बिहार में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण गर्भपात सेवाओं की पहुंच एवं सेवा वितरण को बेहतर बनाने में योगदान देने वाली विभिन्न स्तरों की CAC सुविधाओं को पुरस्कार प्रदान कर उनके योगदान को सम्मानित एवं प्रोत्साहित किया गया। बेहतर कार्य के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (JLNMCH), भागलपुर, सदर अस्पताल लखीसराय, अनुमंडल अस्पताल मोहनियां (कैमूर), रेफरल अस्पताल बरबीघा (शेखपुरा), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरहट (बांका) एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) जमालपुर (मुंगेर) को सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम का समापन राज्य, जिला एवं स्वास्थ्य सुविधा स्तर पर निरंतर समन्वय और सामूहिक उत्तरदायित्व को मजबूत करने के आह्वान के साथ हुआ, ताकि बिहार में सुरक्षित, सम्मानजनक, गोपनीय एवं गुणवत्तापूर्ण गर्भपात सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके और प्रत्येक महिला को कानून के अनुरूप आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर प्राप्त हों।

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